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By: Ravindra Sikarwar

ग्वालियर: बुधवार देर रात शहर के इंदरगंज थाना क्षेत्र स्थित खटीक मोहल्ले में दिल दहला देने वाली वारदात हुई। एक पति ने अपनी पत्नी पर चरित्र संदेह करने के चलते उसकी लोहे की मोंगरी से लगातार वार करके बेरहमी से हत्या कर दी। मृतका का नाम रेनू बाई (उम्र करीब ३२ वर्ष) बताया जा रहा है। वह पास के एक निजी स्कूल में चौथी कक्षा तक पढ़ाती थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी पति का नाम राजू अहिरवार है। वह मजदूरी का काम करता है और शराब का आदी है। दोनों का विवाह लगभग दस साल पहले हुआ था। इस दंपति के दो बच्चे भी हैं – एक आठ साल की बेटी और छह साल का बेटा। दोनों बच्चे घटना के वक्त घर में ही थे और मां को चीखते-बिलखते देखकर सहम गए।

प्रत्यक्षदर्शियों और पड़ोसियों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से राजू को अपनी पत्नी के चरित्र पर शक हो रहा था। वह आए दिन रेनू पर दूसरे पुरुषों से बात करने का आरोप लगाता और मारपीट करता था। रेनू ने कई बार अपने मायके वालों को इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन बात को घर की इज्जत समझकर दबा दिया गया। बुधवार रात करीब ११ बजे फिर झगड़ा शुरू हुआ। इस बार राजू ने घर में रखी कपड़े निचोड़ने वाली भारी लोहे की मोंगरी उठाई और रेनू के सिर व चेहरे पर ताबड़तोड़ वार करने लगा।

पड़ोसियों के मुताबिक रेनू की चीखें सुनकर कुछ लोग दरवाजे पर पहुंचे, लेकिन राजू ने अंदर से कुंडी लगा रखी थी। जब तक लोग दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे, तब तक रेनू की सांसें थम चुकी थीं। राजू ने मृतका के शव पर एक पुराना कंबल डाल दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

सूचना मिलते ही इंदरगंज थाना प्रभारी संदीप शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बच्चों को उनके नाना-नानी के पास भेज दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के धब्बे, मोंगरी और अन्य साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जयारोग्य अस्पताल की मर्चुअरी भेजा गया है। प्रथम दृष्टया मौत सिर पर गंभीर चोट लगने से हुई है।

पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी राजू की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं। सीएसपी महेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।

मृतका रेनू अपने स्कूल में मेहनती और बच्चों से बेहद प्यार करने वाली शिक्षिका के रूप में जानी जाती थी। स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि रेनू पिछले छह साल से उनके संस्थान में कार्यरत थी। वह हमेशा समय पर आती थी और बच्चों को बड़ी लगन से पढ़ाती थी। कभी किसी ने सोचा भी नहीं था कि उसकी जिंदगी इस तरह खत्म हो जाएगी।

महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम भी घटना की जानकारी लेने पहुंची। बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर विभाग की ओर से जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पड़ोस की महिलाओं ने बताया कि रेनू अक्सर अपने पति की मारपीट से परेशान रहती थी, लेकिन मजबूरी में चुप रहती थी।

यह घटना एक बार फिर घरेलू हिंसा और चरित्र संदेह जैसी कुप्रथा की भयावहता को सामने लाती है। पुलिस अब तक दर्ज मुकदमे में धारा ३०२ (हत्या) के तहत कार्रवाई कर रही है। साथ ही दहेज प्रताड़ना या अन्य कोई कोण सामने आता है तो उसे भी जोड़ा जाएगा।

फिलहाल पूरा मोहल्ला सदमे में है। रेनू का शव गुरुवार दोपहर पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। अंतिम संस्कार शाम को हुआ। लोगों की आंखों में आंसू और गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था। सबकी एक ही मांग है – आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जाए।