Chaitra Navratri 2026 : चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष एक बेहद खास संयोग के साथ शुरू हो रहा है। आमतौर पर नवरात्रि का आरंभ अमावस्या के अगले दिन होता है, लेकिन इस बार 19 मार्च 2026 को अमावस्या और प्रतिपदा तिथि एक ही दिन पड़ रही है। यह दुर्लभ योग करीब 72 वर्षों बाद बन रहा है।
इस दिन सुबह अमावस्या तिथि रहेगी, इसलिए स्नान, दान और पितृ कर्म सुबह किए जाएंगे, जबकि उसी दिन मां दुर्गा का स्वागत कर नवरात्रि की शुरुआत भी होगी।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
Chaitra Navratri 2026 19 मार्च 2026 को घटस्थापना (कलश स्थापना) के लिए शुभ समय इस प्रकार है:
- शुभ मुहूर्त: सुबह 06:52 से 09:44 तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:20 से दोपहर 12:09 तक
प्रतिपदा तिथि 19 मार्च सुबह 06:52 बजे से शुरू होकर 20 मार्च सुबह 04:52 बजे तक रहेगी।
कलश स्थापना की सरल विधि
घर पर ऐसे करें घटस्थापना
कलश स्थापना नवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। इसे विधिपूर्वक करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
स्थान का चयन
- घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) सबसे शुभ मानी जाती है
- आप घर के मंदिर में भी स्थापना कर सकते हैं
जौ बोने की प्रक्रिया
- एक मिट्टी के पात्र में साफ मिट्टी डालें
- उसमें जौ (जवारे) बो दें
कलश की तैयारी
- तांबे या मिट्टी का कलश लें
- उसमें जल, गंगाजल, सुपारी, सिक्का और अक्षत डालें
- कलश के मुंह पर कलावा बांधें
स्थापना की प्रक्रिया
- कलश के ऊपर आम के 5 पत्ते रखें
- नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर ऊपर स्थापित करें
पूजन और संकल्प
- विधि-विधान से पूजा करें
- हाथ में जल लेकर माता दुर्गा का ध्यान करें
- व्रत और पूजन का संकल्प लें
विशेष महत्व
इस बार नवरात्रि की शुरुआत एक दुर्लभ योग में हो रही है, इसलिए विधि-विधान से की गई पूजा विशेष फलदायी मानी जाएगी। नौ दिनों तक माता रानी के साथ कलश की नियमित पूजा करना शुभ माना जाता है।
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