Business: ग्राहकों के लिए क्या-क्या बदलेगा
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए ATM और IMPS लेनदेन से जुड़े शुल्कों में बदलाव किया है। इस फैसले का सीधा असर रोज़मर्रा के बैंकिंग लेनदेन पर पड़ेगा। आइए जानते हैं कि इन नए नियमों से ग्राहकों को किन बदलावों का सामना करना होगा।
Business: ATM लेनदेन पर बढ़ा शुल्क
SBI ने मुफ्त सीमा से अधिक ATM ट्रांजैक्शन करने पर लगने वाले शुल्क में इजाफा किया है।
अब तय सीमा पार करने पर ग्राहकों को प्रति लेनदेन के लिए पहले से ज्यादा शुल्क देना होगा।
Business: IMPS ट्रांजैक्शन हुआ महंगा
तुरंत पैसे ट्रांसफर करने वाली IMPS सेवा पर भी शुल्क बढ़ाया गया है।
विशेष रूप से अधिक राशि के ट्रांजैक्शन पर ग्राहकों को ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है।
किन ग्राहकों पर पड़ेगा ज्यादा असर
जो ग्राहक बार-बार ATM से नकद निकालते हैं या IMPS के जरिए छोटे-बड़े ट्रांजैक्शन करते हैं, उन पर इस बदलाव का ज्यादा प्रभाव पड़ेगा।
डिजिटल लेनदेन करने वालों को अब अपने खर्च पर नजर रखनी होगी।
मुफ्त लेनदेन की सीमा क्या है
SBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ तय संख्या तक ATM और IMPS लेनदेन पहले की तरह मुफ्त रहेंगे।
इसके बाद किए गए ट्रांजैक्शन पर ही संशोधित शुल्क लागू होगा।
ग्राहकों के लिए क्या है बेहतर विकल्प
बैंक ग्राहकों को नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और UPI जैसे कम लागत या मुफ्त विकल्प अपनाने की सलाह दी जा रही है, ताकि अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके।
निष्कर्ष
SBI द्वारा ATM और IMPS शुल्क बढ़ाए जाने से ग्राहकों की जेब पर थोड़ा अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
हालांकि डिजिटल और वैकल्पिक बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करके इस प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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