by-Ravindra Sikarwar
बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में भारी बारिश के बाद मंगलवार शाम को एक भयानक भूस्खलन ने एक निजी बस को मलबे में दफना दिया, जिसमें सवार 15 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा जिले के घाटी क्षेत्र के पास एक पहाड़ी सड़क पर हुआ, जहां बस करीब 40 यात्रियों को लेकर यात्रा कर रही थी। घटना के बाद बचाव दल मलबे को हटाने में जुटे हैं, लेकिन एक बच्चे के लापता होने की आशंका बनी हुई है। दो अन्य यात्री घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है। यह हादसा मानसून के बाद भी जारी भारी वर्षा की वजह से राज्य में बढ़ती आपदा की याद दिलाता है, जहां सड़कें और पुल खतरे में हैं।
घटना की पूरी समयरेखा:
मंगलवार शाम लगभग 5:30 बजे, बिलासपुर जिले के घाटी तहसील के अंतर्गत एक संकरी पहाड़ी सड़क पर निजी बस (रूट: चंडीगढ़ से मनाली) तेज रफ्तार से गुजर रही थी। अचानक ऊपरी पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और पेड़ों का मलबा गिर पड़ा, जो बस पर आकर गिर गया। चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन वाहन पूरी तरह मलबे में दब गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भूस्खलन की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के ग्रामीण दहल उठे। बस में सवार अधिकांश यात्री स्थानीय निवासी थे, जो कामकाज के सिलसिले में यात्रा कर रहे थे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रारंभिक बचाव कार्य में दो यात्रियों को जिंदा निकाला गया, लेकिन मलबे की मोटी परत के कारण बाकी लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो गया। रात भर चले अभियान में 15 शव बरामद हो चुके हैं, जिनकी पहचान स्थानीय निवासियों ने कर ली है। एक चार वर्षीय बच्चे के लापता होने की आशंका है, जिसके लिए विशेष ड्रोन और कुत्तों की मदद ली जा रही है। हादसे में घायल दो यात्रियों को बिलासपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक हरींद्र सिंह ने बताया, “भूस्खलन के कारण सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। हमने वैकल्पिक मार्ग खोलने का काम शुरू कर दिया है। बचाव कार्य में भारी मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है, और हम आशा करते हैं कि जल्द ही बाकी यात्रियों का पता चल जाएगा।” मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले 48 घंटों में और बारिश हो सकती है, जिससे बचाव अभियान को चुनौती मिल सकती है।
प्रभावित यात्रियों की जानकारी और परिवारों का दर्द:
बस में सवार यात्रियों में अधिकांश बिलासपुर और मंडी जिले के निवासी थे। मृतकों में पांच महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं। एक परिवार के चार सदस्य इस हादसे में शिकार हो गए, जिनमें एक बुजुर्ग दंपति और उनके दो पोते शामिल थे। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजा और शवों के पोस्टमॉर्टम की मांग की है। एक शोकाकुल परिजन ने कहा, “हमारा पूरा परिवार बस में था। बस एक मिनट में सब कुछ ले गई। सरकार को सड़कों की मरम्मत करनी चाहिए थी।” राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है, जबकि घायलों को मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया गया है।
राज्य सरकार और केंद्र की प्रतिक्रिया:
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तुरंत बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “यह दुखद घटना है, और हम हर संभव मदद करेंगे। हिमाचल की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा।” केंद्र सरकार ने भी सहायता का भरोसा दिलाया है। एनडीआरएफ की दो अतिरिक्त टीमें बिलासपुर भेजी गई हैं, जो मलबे हटाने में सहायता करेंगी। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड लगाने और वैकल्पिक सड़कों की जांच के आदेश दिए हैं।
हिमाचल में भूस्खलनों का बढ़ता खतरा: पिछले हादसे
यह घटना हिमाचल प्रदेश में मानसून के बाद भी जारी भारी वर्षा से जुड़ी आपदाओं की श्रृंखला का हिस्सा है। पिछले महीने ही मंडी जिले में एक भूस्खलन से सात लोगों की मौत हुई थी, जबकि अगस्त में कुल्लू में एक बस हादसे में 12 यात्री मारे गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और अवैध खनन के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी का कटाव बढ़ रहा है। भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, हिमाचल की 80% सड़कें भूस्खलन संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरती हैं। राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की है, जिसमें सड़कों को मजबूत करने और प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा।
यह त्रासदी न केवल यात्रियों के परिवारों को शोक में डुबो रही है, बल्कि पूरे राज्य को सतर्क कर रही है। बचाव कार्य जारी है, और उम्मीद है कि लापता बच्चे का भी सुराग मिल जाएगा। प्रशासन ने यात्रियों से पहाड़ी सड़कों पर सावधानी बरतने की अपील की है।
