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by-Ravindra Sikarwar

दुबई/मैनचेस्टर: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आलीशान शहर दुबई में एक ब्रिटिश युवक की रहस्यमयी मौत ने ड्रग तस्करी के काले कारोबार को एक बार फिर उजागर कर दिया है। 20 वर्षीय जेन्सन वेस्टहेड, जो लैंकेनशायर के थॉर्नटन-क्लीवलीज का निवासी था, ने मैनचेस्टर के एक होटल में कोकीन के कई पैकेट निगल लिए थे। ये पैकेट दुबई ले जाते समय उसके पेट में फट गए, जिससे जानलेवा ओवरडोज हो गया। मौत 4 दिसंबर 2024 को होटल एवलॉन में हुई। इस घटना की जांच में लैंकेस्टर पुलिस ने चार व्यक्तियों पर ड्रग निर्यात प्रतिबंध को धोखा देने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। यह मामला न केवल तस्करी के खतरों को रेखांकित करता है, बल्कि दुबई जैसे सख्त ड्रग कानून वाले देश में विदेशियों के लिए खतरे की घंटी भी बजा रहा है।

घटना का पूरा विवरण और समयरेखा:
यह दुखद घटना पिछले साल दिसंबर में शुरू हुई। 2 दिसंबर 2024 को जेन्सन वेस्टहेड मैनचेस्टर के एक होटल पहुंचे, जहां उन्होंने कोकीन के कई छोटे-छोटे पैकेट निगल लिए। ये पैकेट ‘म्यूल’ (ड्रग तस्कर) के रूप में इस्तेमाल होने वाले लेटेक्स या कंडोम जैसे सामग्री से लिपटे हुए थे, जो पेट में घुलने वाले चिपचिपे पदार्थ से ढके होते हैं। उद्देश्य था दुबई में ड्रग्स की तस्करी करना, जहां काला बाजार में कोकीन की कीमत ब्रिटेन से कई गुना अधिक होती है।

उसी शाम जेन्सन मैनचेस्टर एयरपोर्ट से दुबई के लिए उड़ान भर ली। विमान 3 दिसंबर को दुबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। यात्रा के दौरान सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन पेट में पैकेटों का दबाव बढ़ता जा रहा था। होटल एवलॉन (एक तीन सितारा संपत्ति) में चेक-इन करने के बाद जेन्सन की हालत बिगड़ने लगी। अनुमान है कि यात्रा के तनाव और पाचन प्रक्रिया से कम से कम एक पैकेट फट गया, जिससे शुद्ध कोकीन उनके रक्तप्रवाह में मिल गई। कोकीन एक क्लास ए ड्रग है, जो हृदय गति बढ़ाने, दौरा पड़ने और श्वास नली बंद करने जैसी घातक समस्याएं पैदा करता है।

4 दिसंबर की सुबह होटल के कर्मचारियों ने जेन्सन को उनके कमरे में मृत पाया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मौत का कारण कोकीन ओवरडोज था। रिपोर्ट में पेट से बचे हुए पैकेटों के अवशेष और विषाक्तता के स्तर ने तस्करी की पुष्टि की। दुबई पुलिस ने तुरंत ब्रिटिश अधिकारियों को सूचित किया, जिससे लैंकेस्टर पुलिस ने जांच शुरू की।

ड्रग तस्करी का तरीका: ‘बॉडी पैकिंग’ का खतरनाक खेल
‘बॉडी पैकिंग’ ड्रग तस्करों का एक आम तरीका है, जिसमें नशीले पदार्थों को पैकेटों में लपेटकर पेट या अन्य शरीर के गुहाओं में छिपाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ये पैकेट 500-1000 ग्राम तक कोकीन ले जा सकते हैं, लेकिन जोखिम बेहद ऊंचा होता है। पैकेट फटने पर विषैला पदार्थ सीधे शरीर में अवशोषित हो जाता है, जो 10-15 मिनट में मौत का कारण बन सकता है। जेन्सन के मामले में अनुमानित मात्रा इतनी अधिक थी कि चिकित्सकीय हस्तक्षेप भी असंभव था।

ड्रग तस्करी के इस नेटवर्क में जेन्सन अकेले नहीं थे। जांच से पता चला कि यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा था, जो ब्रिटेन से मध्य पूर्व तक ड्रग्स सप्लाई करता था। दुबई में ड्रग्स की मांग पर्यटकों और अमीर वर्ग के बीच अधिक होने से तस्कर ऐसे रिस्क लेते हैं। हालांकि, यूएई के कानून बेहद कठोर हैं – यहां ड्रग्स की मात्रा के आधार पर 4 साल से लेकर उम्रकैद या फांसी तक की सजा हो सकती है। जेन्सन की मौत के बाद दुबई पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज और यात्रा रिकॉर्ड की जांच की, लेकिन मुख्य आरोपी ब्रिटेन में ही थे।

पुलिस जांच और आरोपी: चार पर सख्त कार्रवाई
लैंकेस्टर पुलिस ने 27 सितंबर 2025 को चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। ये सभी ब्रिटेन के निवासी हैं और ड्रग निर्यात पर प्रतिबंध को चकमा देने की साजिश में शामिल बताए जा रहे हैं। आरोपी इस प्रकार हैं:

  • रेबेका हैच (43 वर्ष), हैटफील्ड क्लोज, थॉर्नटन-क्लीवलीज।
  • ग्लेन हैच (50 वर्ष), वही पता।
  • अलेक्जेंडर टॉफ्टन (32 वर्ष), ट्यूक्सबरी ड्राइव, लाइथम सेंट एन्स।
  • स्टीवन स्टीफेंसन (36 वर्ष), सेंट लॉरेंस, डेंटन, मैनचेस्टर।

सभी पर 21 नवंबर से 4 दिसंबर 2024 तक क्लास ए ड्रग के निर्यात प्रतिबंध को धोखा देने की साजिश का आरोप है। स्टीफेंसन पर अतिरिक्त रूप से कोकीन की आपूर्ति में शामिल होने का भी केस दर्ज है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह जेन्सन को ‘म्यूल’ के रूप में इस्तेमाल कर रहा था। जांच में होटल बुकिंग, फोन रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन के सबूत मिले। चारों 31 अक्टूबर 2025 को लैंकेस्टर मजिस्ट्रेट्स कोर्ट में पेश होंगे। पुलिस अधीक्षक ने कहा, “यह दुखद घटना ड्रग तस्करी के घातक परिणामों को दिखाती है। हम युवाओं को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी देते हैं।”

परिवार का दर्द और सामाजिक प्रभाव:
जेन्सन के परिवार ने उनकी मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है। थॉर्नटन-क्लीवलीज समुदाय में उन्हें एक सामान्य युवक के रूप में जाना जाता था, जो कभी-कभी गलत संगत में फंस गया। परिवार ने गोपनीयता की अपील की है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। यह घटना ब्रिटेन में ड्रग तस्करी के बढ़ते मामलों पर बहस छेड़ रही है। एनएचएस डेटा के मुताबिक, हर साल दर्जनों ‘बॉडी पैकर्स’ ओवरडोज से मरते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, यूएनओडीसी की रिपोर्ट बताती है कि कोकीन तस्करी में यूरोप से मध्य पूर्व की स्मगलिंग 20% बढ़ी है।

सावधानियां और सबक: तस्करी के जोखिम

  • युवाओं के लिए सलाह: ड्रग्स से जुड़े किसी भी नेटवर्क से दूर रहें। आर्थिक लालच जानलेवा साबित हो सकता है।
  • यात्रियों के लिए: विदेश यात्रा से पहले चिकित्सकीय जांच कराएं, खासकर यदि पेट संबंधी समस्या हो।
  • कानूनी जागरूकता: दुबई जैसे देशों में ड्रग्स के निशान मात्र पर भी सजा हो सकती है। यूके सरकार की वेबसाइट पर यात्रा सलाह चेक करें।
  • मदद लें: ड्रग एडिक्शन से जूझ रहे तो एनएचएस हेल्पलाइन या फ्रैंक (Talk to Frank) से संपर्क करें।

यह त्रासदी ड्रग तस्करी के अंधेरे पक्ष को उजागर करती है, जहां एक गलत कदम पूरी जिंदगी तबाह कर देता है। आशा है कि न्याय मिलेगा और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। (स्रोत: लैंकेस्टर पुलिस बयान, ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स और पोस्टमॉर्टम निष्कर्षों के आधार पर)