Report by: Sanjeev Kumar
Bokaro : रमजान के पाक महीने के दौरान 30 दिनों के कठिन रोजों और इबादत के बाद आज पूरे बोकारो जिले में ईद-उल-फितर का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही जिले की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाह मैदानों में नमाजियों का हुजूम उमड़ पड़ा, जहाँ हजारों हाथ एक साथ देश की तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए दुआ में उठे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा, जिससे पूरा माहौल मोहब्बत और अपनेपन के रंग में रंग गया।


मस्जिदों और ईदगाहों में गूंजी अमन की दुआ
Bokaro शनिवार सुबह बोकारो के मुख्य ईदगाह मैदान सहित चास, सेक्टर-4, सिवनडीह और अन्य क्षेत्रों की मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई। नमाज के दौरान इमामों ने खुतबा पढ़ा और खुदा से देश में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाजियों ने इस अवसर पर संकल्प लिया कि वे समाज में प्रेम और सद्भाव को बढ़ावा देंगे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रमुख नमाज स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे शांतिपूर्ण माहौल में इबादत संपन्न हुई।
“30 दिनों की इबादत का फल है ईद”
Bokaro ईद की खुशी साझा करते हुए नमाजियों ने कहा कि रमजान का महीना आत्म-संयम और त्याग का संदेश देता है। उन्होंने बताया, “हम 30 दिनों तक खुदा की इबादत करते हैं और आज का दिन उस सब्र और इबादत के इनाम के तौर पर मिलता है। यही हमारे लिए खुशी का सबसे बड़ा पैगाम है।” लोगों का मानना है कि ईद केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान और मानवता का उत्सव है।
देश और राज्य की मजबूती का पैगाम
Bokaro इस वर्ष ईद के मौके पर बोकारो के नागरिकों ने एक विशेष संदेश दिया। नमाज के बाद हुई चर्चाओं में लोगों ने अपील की कि सभी को समान भाव से देखा जाना चाहिए और एक-दूसरे के साथ मिलकर देश व राज्य को मजबूत बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। युवाओं और बुजुर्गों ने एक सुर में कहा कि नफरत को खत्म कर केवल मोहब्बत के रास्ते पर चलकर ही हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं।
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