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Report by: Sanjeev Kumar

Bokaro : झारखंड के बोकारो जिले में महुआ चुनने के लालच में जंगलों में आग लगाने की घटनाएं अब जानलेवा साबित हो रही हैं। गोमिया प्रखंड के लुगू बुरु क्षेत्र में फैली यह आग न केवल वन संपदा को राख कर रही है, बल्कि वन्यजीवों के लिए भी बड़ा खतरा बन गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है। आग और तपिश के कारण लुगू बुरु के घने जंगलों में मौजूद 40 हाथियों का झुंड विचलित होकर रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर सकता है, जिससे जान-माल के भारी नुकसान की आशंका प्रबल हो गई है।

40 हाथियों का झुंड विचलित: गांवों में दहशत का माहौल

Bokaro लुगू बुरु का क्षेत्र हाथियों का प्राकृतिक आवास माना जाता है। वर्तमान में इस जंगल में लगभग 40 हाथियों का विशाल दल मौजूद है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जंगलों में लगी आग के धुएं और बढ़ती गर्मी के कारण हाथियों का दल सुरक्षित स्थान की तलाश में जंगल से नीचे उतर सकता है।

यदि यह झुंड रिहायशी इलाकों या पास के गांवों में प्रवेश करता है, तो भारी तबाही मच सकती है। हाथियों के उग्र होने की स्थिति में जान-माल का भयानक नुकसान होने की आशंका है, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी दहशत व्याप्त है।

महुआ चुनने की लापरवाही और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा

Bokaro जांच में सामने आया है कि महुआ के फूल चुनने के लिए कुछ लोग जमीन साफ करने के उद्देश्य से जंगलों में आग लगा देते हैं। वन प्रमंडल पदाधिकारी संदीप सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यह आग असामाजिक तत्वों की लापरवाही का नतीजा है जो अब नियंत्रण से बाहर होती जा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जंगल की आग और धुएं के कारण हाथियों के व्यवहार में बदलाव आ रहा है। यदि हाथी अपनी जान बचाने के लिए गांवों की ओर भागते हैं, तो इसके जिम्मेदार वे लोग होंगे जिन्होंने आग लगाई है। प्रशासन अब ऐसे तत्वों को चिह्नित करने के लिए विशेष निगरानी रख रहा है।

‘सीधे जेल जाएंगे दोषी’: वन विभाग की कड़ी चेतावनी

Bokaro वन विभाग और जिला प्रशासन ने इस कृत्य को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने चेतावनी जारी की है कि:

  • जो भी व्यक्ति जंगल में आग लगाते हुए या इसे फैलाने में संलिप्त पाया जाएगा, उसके विरुद्ध वन अधिनियम के तहत तत्काल और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • सार्वजनिक सुरक्षा और वन्यजीवों के जीवन को खतरे में डालने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा।
  • वन विभाग की टीमें (Patrolling Teams) रात-दिन जंगलों की निगरानी कर रही हैं।

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे जंगलों की रक्षा करें और आग लगाने जैसी गतिविधियों से दूर रहें। अपने और अपने पशुओं की सुरक्षा के लिए ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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