By: Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के गौहरगंज क्षेत्र में एक छह वर्षीय बच्ची के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। घटना 21 नवंबर की शाम की है, जब मासूम अपने घर के पास खेल रही थी और अचानक गायब हो गई। कुछ घंटे बाद उसका अर्द्धनग्न हालत में रोता-बिलखता शरीर खेत में मिला। परिजनों ने तुरंत गौहरगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन चौथे दिन बीत जाने के बावजूद मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। इस लापरवाही और देरी से क्षुब्ध स्थानीय लोग पिछले तीन दिनों से थाने के ठीक सामने धरने पर बैठे हैं। उनका एक ही नारा है – “आरोपी को जिंदा नहीं छोड़ेंगे, एनकाउंटर करो, एनकाउंटर करो।” भीड़ में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा सब शामिल हैं और गुस्सा इस कदर है कि कई बार प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव तक करने की कोशिश की।
पुलिस का दावा है कि आरोपी की तलाश में 300 से अधिक जवान, डॉग स्क्वायड और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपी की पहचान 25 वर्षीय स्थानीय युवक के रूप में हुई है, जो पहले भी छोटे-मोटे अपराधों में लिप्त रहा है। उसका परिवार गांव छोड़कर फरार हो चुका है। पुलिस ने उसके घर को सील कर दिया है और आसपास के जिलों – विदिशा, होशंगाबाद, भोपाल तक में अलर्ट जारी कर रखा है। फिर भी आरोपी के नहीं पकड़े जाने से लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब बच्ची को अस्पताल ले जाया गया तो उसकी हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों ने उसे भोपाल रेफर कर दिया, जहां उसकी हालत अभी भी स्थिर नहीं है। लोगों का आरोप है कि यदि पुलिस ने शुरुआती घंटों में त्वरित कार्रवाई की होती तो आरोपी अब तक पकड़ा जा चुका होता।
तीसरे दिन धरना और उग्र हो गया। सुबह से ही सैकड़ों लोग थाने के सामने एकत्र हो गए और सड़क जाम कर दी। महिलाओं ने बच्ची की तस्वीर हाथ में लेकर रोते-बिलखते नारे लगाए। कई लोगों ने तो आत्मदाह करने की धमकी तक दे डाली। स्थिति को देखते हुए रायसेन कलेक्टर और एसपी खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और पुलिस को काम करने देने की अपील की। एसपी ने मंच से घोषणा की कि आरोपी को 48 घंटे के अंदर पकड़ लिया जाएगा, चाहे इसके लिए कुछ भी करना पड़े। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर आरोपी ने विरोध किया तो कानून अपने हाथ में लेने की बजाय पुलिस को कार्रवाई करने दी जाए। लेकिन लोगों का भरोसा टूट चुका है। उनका कहना है कि निर्भया कांड के बाद भी देश में बच्चियों के साथ ऐसे अपराध नहीं रुके और हर बार पुलिस यही आश्वासन देती है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कह दिया कि जब तक आरोपी को या तो जिंदा पकड़कर लाया जाए या एनकाउंटर करके उसका शव न दिखाया जाए, वे धरना खत्म नहीं करेंगे।
रायसेन जिले में इससे पहले भी कई बार बलात्कार की घटनाओं के बाद जनाक्रोश देखा गया है, लेकिन इतने लंबे समय तक थाने के सामने धरना शायद पहली बार चल रहा है। आसपास के गांवों से भी लोग लगातार पहुंच रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी #JusticeForGoharganjChild हैशटैग के साथ लोगों का गुस्सा फूट रहा है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों के स्थानीय नेताओं ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया, लेकिन दोनों ही पक्षों पर राजनीति करने का आरोप भी लग रहा है। इधर, बच्ची के परिजन पूरी तरह टूट चुके हैं। पिता ने मीडिया से कहा कि उनकी बेटी की जिंदगी बच जाए, बस इतनी ही गुजारिश है, लेकिन अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
फिलहाल गौहरगंज थाने के सामने तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने बैरिकेडिंग बढ़ा दी है और अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। प्रशासन को डर है कि अगर आरोपी जल्दी नहीं पकड़ा गया तो मामला हाथ से निकल सकता है। बच्ची अभी भी भोपाल के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। पूरा इलाका बस एक ही सवाल पूछ रहा है – क्या चार दिन बाद भी पुलिस उस हैवान को पकड़ पाएगी, या फिर जनता खुद कानून अपने हाथ में ले लेगी? आने वाले कुछ घंटे इस मामले की दिशा तय करेंगे।
