by-Ravindra Sikarwar
झारखंड के हजारीबाग जिले में सुरक्षाबलों ने सोमवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई में ₹1 करोड़ के इनामी माओवादी कमांडर समेत तीन वरिष्ठ नक्सलियों को मार गिराया। यह मुठभेड़ गोमरा-गोरहर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के पाती पिरी जंगल में हुई, जिसे सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
घटना का विवरण:
हजारीबाग पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने बताया कि पुलिस और सीआरपीएफ की 209 कोबरा बटालियन की एक संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार रात से ही इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया था। रविवार की सुबह, जैसे ही सुरक्षा बल पाती पिरी जंगल के पास पहुंचे, माओवादियों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।
इसके जवाब में, सुरक्षाबलों ने भी जवाबी फायरिंग की। यह मुठभेड़ काफी देर तक चली। गोलीबारी रुकने के बाद, जब सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान चलाया, तो उन्हें तीन नक्सलियों के शव मिले। मौके से एक एके-47 राइफल समेत भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया।
मारे गए नक्सलियों की पहचान:
मारे गए नक्सलियों की पहचान कर ली गई है:
- सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश: यह भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था और इस पर ₹1 करोड़ का इनाम था। सहदेव सोरेन एक बेहद कुख्यात नक्सली था, जो कई बड़े हमलों और आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा था।
- रघुनाथ हेंब्रम उर्फ निर्भय: यह बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) का सदस्य था और इस पर ₹25 लाख का इनाम घोषित था।
- बिरसेन गंजू: यह क्षेत्रीय समिति का सदस्य था और इस पर ₹10 लाख का इनाम था।
पुलिस का कहना है कि यह माओवादियों के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि मारे गए सभी नक्सली संगठन में उच्च पदों पर थे। यह कार्रवाई झारखंड को नक्सलवाद से मुक्त कराने के चल रहे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। क्षेत्र में अन्य नक्सलियों की मौजूदगी की आशंका के चलते तलाशी अभियान जारी है।
यह मुठभेड़ हाल ही में हुई एक और बड़ी सफलता के बाद हुई है, जब 7 सितंबर को पश्चिम सिंहभूम में ₹10 लाख के इनामी माओवादी कमांडर अमित हंसदा उर्फ अपतन को भी मार गिराया गया था। सुरक्षाबलों का यह लगातार अभियान राज्य में नक्सलवाद को कमजोर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
