BhopalLiftAccident: पॉश कॉलोनी में दिल दहला देने वाली लापरवाही उजागर, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
आधुनिक कॉलोनी के भीतर छिपा भयावह सच
BhopalLiftAccident: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने सुरक्षा व्यवस्था, सोसायटी प्रबंधन और निगरानी तंत्र की पोल खोल दी है। होशंगाबाद रोड स्थित पॉश रेसिडेंशियल कॉलोनी चिनार ड्रीम सिटी में 77 वर्षीय बुजुर्ग का शव करीब 10 दिनों तक लिफ्ट शाफ्ट में पड़ा रहा। इस दौरान लिफ्ट लगातार चलती रही और शव उसी शाफ्ट में कुचलता रहा, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। घटना का खुलासा तब हुआ, जब पूरी बिल्डिंग में तेज दुर्गंध फैलने लगी।
BhopalLiftAccident: मृतक की पहचान और गुमशुदगी की कहानी
मृतक की पहचान प्रीतम गिरी गोस्वामी (77) के रूप में हुई है, जो अपने बेटे मनोज गिरी के साथ फ्लैट नंबर D-304 में रहते थे। परिजनों के अनुसार, 6 जनवरी को दोपहर के समय वे घर से निकले थे और जल्द लौटने की बात कही थी, लेकिन उसके बाद वापस नहीं आए। अगले दिन 7 जनवरी को मिसरोद थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
कॉलोनी के सीसीटीवी फुटेज में वे परिसर में चलते हुए दिखाई दिए, लेकिन आगे कोई सुराग नहीं मिला।
BhopalLiftAccident: खुले लिफ्ट शाफ्ट ने ली जान
जांच में सामने आया कि बुजुर्ग अपने फ्लैट के सामने तीसरी मंज़िल पर खुले लिफ्ट शाफ्ट में गिर गए थे।
रहवासियों का आरोप है कि लिफ्ट के दरवाज़े कई बार तब भी खुल जाते थे, जब लिफ्ट उस फ्लोर पर मौजूद नहीं होती थी।
यही तकनीकी खामी इस हादसे की वजह बनी।
हैरान करने वाली बात यह है कि इसके बाद भी कई दिनों तक लिफ्ट का संचालन होता रहा।
लिफ्ट खराब हुई, तब खुला राज
16 जनवरी को लिफ्ट अचानक बंद हो गई, जिसके बाद सोसायटी प्रबंधन ने टेक्नीशियन को बुलाया।
जैसे ही लिफ्ट को ऊपर उठाया गया, असहनीय बदबू फैल गई।
शाफ्ट की जांच करने पर अंदर सड़ा-गला शव मिला।
कपड़ों और चप्पलों के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान की।
प्रबंधन और बिल्डर पर आरोप
परिजनों ने बिल्डर और सोसायटी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मृतक के बेटे का कहना है कि लिफ्ट पहले से खराब थी और सीसीटीवी कैमरे भी लंबे समय से काम नहीं कर रहे थे, जिसकी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम में सीने में गंभीर चोटों से मौत की पुष्टि हुई है। लिफ्ट के रखरखाव और संचालन से जुड़े लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
यदि लापरवाही साबित होती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुरानी घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
गौरतलब है कि पिछले वर्ष इसी क्षेत्र में लिफ्ट से जुड़ा एक और दर्दनाक हादसा हो चुका है।
लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि जब सुविधाएं ही जानलेवा बन जाएं, तो जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होगी?
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