Report by: Yogendra Singh
Bhopal : मध्यप्रदेश की माटी के सपूतों ने एक बार फिर देश की सबसे प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। इन होनहारों के सम्मान और उनके संघर्ष की गाथाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रदेश सरकार एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सोमवार, 23 मार्च को राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित ‘सफलता के मंत्र’ कार्यक्रम में प्रदेश के 61 चयनित अभ्यर्थियों से सीधे रूबरू होंगे।
संघर्ष से सफलता तक: मेधावियों की कहानियों को मिलेगा मंच
Bhopal इस गरिमामयी समारोह का मुख्य उद्देश्य केवल सम्मान प्रदान करना ही नहीं है, बल्कि उन रास्तों को समझना भी है जिन पर चलकर इन युवाओं ने शिखर को छुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ संवाद के दौरान, ये 61 अभ्यर्थी अपनी तैयारी के दिनों की चुनौतियां, अपनी रणनीति और मेहनत के उन अनसुने पहलुओं को साझा करेंगे, जिन्होंने उन्हें सफलता के द्वार तक पहुँचाया।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अभ्यर्थियों के परिजन भी उपस्थित रहेंगे। यह सत्र राज्य के अन्य छात्र-छात्राओं के लिए एक ‘गाइड’ की तरह कार्य करेगा, जहाँ वे जान सकेंगे कि कैसे सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में गौरव हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री का यह संवाद युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं की ओर प्रेरित करने के संकल्प को भी दर्शाता है।
‘प्रतिभाओं का परचम’ पुस्तिका और डिजिटल वर्जन का होगा विमोचन
Bhopal कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ का विमोचन भी करेंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई ‘प्रतिभाओं का परचम’ नामक पुस्तिका और इसके डिजिटल संस्करण को आज सार्वजनिक किया जाएगा। इस पुस्तिका में यूपीएससी में चयनित अभ्यर्थियों के संक्षिप्त परिचय के साथ-साथ उनके सफलता के सूत्रों को संकलित किया गया है।
डिजिटल वर्जन के माध्यम से यह जानकारी प्रदेश के सुदूर अंचलों में बैठे छात्रों तक आसानी से पहुँच सकेगी। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार और अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। यह पहल मध्य प्रदेश में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति एक सकारात्मक वातावरण निर्मित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
प्रदेश की गौरवगाथा और भविष्य की रूपरेखा
Bhopal मध्यप्रदेश पिछले कुछ वर्षों में यूपीएससी के परिणामों में निरंतर सुधार कर रहा है। आज का यह सम्मान समारोह इसी बढ़ते ग्राफ का जश्न है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि जब राज्य का कोई युवा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होता है, तो वह केवल एक अधिकारी नहीं बनता, बल्कि अपने पूरे क्षेत्र के लिए एक रोल मॉडल बन जाता है।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में राज्य के अधिक से अधिक छात्र सिविल सेवा में चयनित हों। इसके लिए कोचिंग सुविधाओं के विस्तार और कॉलेज स्तर पर करियर काउंसलिंग को और अधिक सशक्त बनाने की योजना है। आज का आयोजन प्रदेश की शैक्षणिक समृद्धि और युवाओं की प्रशासनिक दक्षता को एक नई पहचान दिलाने वाला साबित होगा।
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