By: Ravindra Sikarwar
भिंड: जिले के गोरमी थाना क्षेत्र में उस समय दहशत फैल गई जब दो मनचले युवकों ने दिनदहाड़े एक विवाहिता के घर में घुसकर उसके साथ बलात्कार करने की कोशिश की। महिला के जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने पर आरोपी डर गए और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर तुरंत गोरमी थाने पहुंचकर पूरी घटना की लिखित शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा ३७६ (बलात्कार), 511 (आपराधिक धमकी), 452 (घर में अनधिकार प्रवेश) और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
घटना शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। पीड़िता (28 वर्ष) अपने पति और दो छोटे बच्चों के साथ गांव के बाहरी हिस्से में बने मकान में रहती है। उसका पति मजदूरी करने दूसरे गांव गया था और बच्चे पड़ोस में खेल रहे थे। इसी दौरान गांव के ही दो युवक, जिनमें से एक की पहचान राहुल उर्फ छोटू (22) और दूसरा उसका साथी सोनू (21) बताया जा रहा है, अचानक दरवाजा ठोककर घर में घुस आए। पीड़िता ने जब विरोध किया तो दोनों ने उसे दबोच लिया और मुंह दबाकर जबरदस्ती करने लगे।
महिला ने बताया कि उसने पूरी ताकत से चीखना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर पड़ोस की कुछ महिलाएं और बच्चे दौड़े आए। यह देखकर आरोपी घबरा गए और “चिल्लाई तो पूरे परिवार को मार डालेंगे” की धमकी देकर भाग निकले। डर के मारे पीड़िता काफी देर तक घर में ही रोती रही, फिर पति को फोन किया। पति के आते ही दोनों थाने पहुंचे और पूरी आपबीती सुनाई।
गोरमी थाना प्रभारी निरीक्षक रामेश्वर सिंह यादव ने बताया, “महिला की शिकायत पर तुरंत जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों आरोपी गांव के ही हैं और पहले से शराब पीने व छेड़छाड़ की शिकायतों में नामजद रहे हैं। हमने चार टीमें गठित कर दी हैं। दोनों के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की जा रही है और गांव के बाहर रिश्तेदारों के यहां भी दबिश दी जा रही है। २४ घंटे के अंदर दोनों को पकड़ लिया जाएगा।”
पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया है, जिसमें चोट के निशान और संघर्ष के सबूत मिले हैं। महिला ने बताया कि आरोपी पहले भी कई बार उसके घर के बाहर घूमते थे और गंदी-गंदी बातें करते थे, लेकिन उसने डर के मारे कभी शिकायत नहीं की थी। इस बार हद पार हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने थाने के सामने प्रदर्शन किया और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। महिलाओं ने कहा कि गांव में आए दिन ऐसी हरकतें हो रही हैं, लेकिन पुलिस पहले कोई एक्शन नहीं लेती। अब तो दिनदहाड़े घर में घुसकर वारदात हो रही है, जिससे बेटियां और बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने गोरमी पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि आरोपी किसी भी कीमत पर बचने न पाएं। साथ ही गांव में रात के समय गश्त बढ़ाने और संदिग्ध युवकों पर नजर रखने के आदेश दिए हैं।
पीड़िता के परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि आरोपी रसूखदार हैं और बाहर आने पर बदला ले सकते हैं। पुलिस ने परिवार को आश्वासन दिया है कि उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा और जरूरत पड़ी तो सीआरपीसी की धारा 144 के तहत सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
यह मामला एक बार फिर मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। पिछले एक महीने में भिंड जिले में ही बलात्कार और छेड़खानी की आधा दर्जन से ज्यादा घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस को पहले से ही ऐसे मनचलों पर नकेल कसनी चाहिए थी, ताकि ऐसी वारदातें न हों।
फिलहाल पूरा गांव दहशत में है और सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर कब तक इन दरिंदों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।
