Bharat Tradition: कटंगी नगर में आयोजित हिंदू सम्मेलन में संघ नेता ने रखा राष्ट्रबोध का दृष्टिकोण
By: Yogendra Singh
जबलपुर के कटंगी नगर में आयोजित हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह-बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते ने कहा कि भारतवर्ष एक पराक्रमी राष्ट्र रहा है, जिसने अपनी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान परंपरा के माध्यम से सदियों तक विश्व का मार्गदर्शन किया है।
Bharat Tradition: ऐतिहासिक परिस्थितियों से समाज में आई चुनौतियाँ
उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध रही है, किंतु इतिहास के कुछ कालखंडों में उत्पन्न परिस्थितियों के कारण समाज में असमानता और विघटन देखने को मिला। मध्यकालीन दौर की विसंगतियों, संघर्षों और सामाजिक चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि इन्हीं कारणों से राष्ट्र को कठिन समय से गुजरना पड़ा।
Bharat Tradition: गुरु तेग बहादुर के बलिदान का स्मरण
दीपक विस्पुते ने सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर के महान बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदू समाज के विखंडन ने ऐसे संकटपूर्ण कालखंडों को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि इतिहास हमें यह सिखाता है कि संगठित समाज ही किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति होता है।
2047 तक भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने का आह्वान
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आने वाला समय भारतवर्ष के पुनः विश्वगुरु बनने का है। इसके लिए समाज को एकजुट, जागरूक और दृढ़ संकल्पित होना होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि आज से ही सामूहिक प्रयास और राष्ट्रीय संकल्प के साथ कार्य किया जाए, तो वर्ष 2047 तक समृद्ध भारत, सशक्त भारत, एक भारत, निर्दोष भारत और विश्वगुरु भारत का निर्माण पूरी तरह संभव है।
संघ के शताब्दी वर्ष पर हुआ आयोजन
इस अवसर पर बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग उपस्थित रहे। यह सम्मेलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें समाज और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार रखा गया।
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