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Report by: Prabhat Singh

Bhagaiya : गोड्डा जिले के ठाकुर गंगटी प्रखंड अंतर्गत प्रसिद्ध रेशम नगरी भगैया में बुधवार को श्री श्री 108 श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस आध्यात्मिक महोत्सव के पहले दिन आयोजित कलश शोभायात्रा ने क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया। गाजे-बाजे, झंडे-बैनर और वैदिक मंत्रोचार के बीच निकली इस यात्रा में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

2001 श्रद्धालुओं ने उठाया कलश: क्षेत्र का भ्रमण कर हुआ जल भराव

Bhagaiya इस शोभायात्रा की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 2001 महिला एवं पुरुष कलश यात्रियों ने हिस्सा लिया। कथा मंडप से शुरू होकर यह यात्रा भगैया, बिशनपुर, बड़ी भगैया, कौड़ी खुटहरी, बोधराय खुटहरी, खंधार और मानिकपुर जैसे विभिन्न गांवों का भ्रमण करते हुए वापस कथा स्थल पहुँची।

यात्रा में मुख्य रूप से जिला परिषद सदस्य सह पूर्व चेयरमैन निरंजन कुमार पोद्दार, मुखिया पति पिंकू उर्फ अखिलेश कुमार जायसवाल सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कलश स्थापना के पश्चात विधिवत पूजा-अर्चना की गई और यज्ञ की अग्नि प्रज्वलित हुई।

कथा वाचिका लाडली कृष्ण प्रिया ने सुनाया भागवत महात्म्य

Bhagaiya मथुरा नाथ धाम से पधारीं सुप्रसिद्ध कथा वाचिका लाडली कृष्ण प्रिया जी ने प्रथम दिन की कथा में श्रीमद्भागवत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए दो प्रमुख प्रसंग सुनाए:

  • राजा परीक्षित की मुक्ति: उन्होंने बताया कि कैसे मृत्यु के श्राप से भयभीत राजा परीक्षित को शुकदेव जी महाराज ने गंगा तट पर भागवत कथा सुनाकर मोक्ष प्रदान कराया।
  • गोकर्ण-धुंधकारी प्रसंग: प्रेत योनि में भटके धुंधकारी की मुक्ति की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि सात गांठों वाले बांस में हवा रूप में प्रवेश कर कथा सुनने मात्र से धुंधकारी को प्रेत योनि से मुक्ति मिली।

कथा वाचिका ने जोर देकर कहा कि भागवत कथा का आयोजन और श्रवण, दोनों ही मनुष्य को बैकुंठ की प्राप्ति कराते हैं।

आयोजन समिति और श्रद्धालुओं का व्यापक जनसमर्थन

Bhagaiya इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में अध्यक्ष विष्णु राम, सचिव देविका राम, कोषाध्यक्ष गौरव कुमार और व्यवस्थापक दीपक कुमार सहित पूरी समिति जुटी हुई है। कथा में केवल भगैया ही नहीं, बल्कि पड़ोसी पंचायतों जैसे मानिकपुर, दिग्घी, तेतरिया माल और पड़ोसी जिले साहिबगंज के मंडरो प्रखंड सहित बिहार के पीरपैंती क्षेत्र से भी हजारों श्रद्धालु पहुँच रहे हैं।

आचार्य विद्यासागर मिश्रा और उनकी टीम के सानिध्य में प्रतिदिन पूजन, आरती और पुष्पांजलि का कार्यक्रम संपन्न हो रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया है।

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