विधायक चेतन आनंद का विपक्ष पर तीखा बयान
By: Yogendra Singh
Barun : औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड में जनता दल (यू) के प्रखंड अध्यक्ष पद के चुनाव का आयोजन जोगिया स्थित आकाशगंगा होटल के सभागार में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर नवीनगर के विधायक चेतन आनंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया और नारेबाजी के बीच सभा की शुरुआत हुई।
बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और आगामी रणनीति पर भी चर्चा की गई। अंततः सर्वसम्मति से मुकेश पटेल को बारुण प्रखंड अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध चुन लिया गया।
सर्वसम्मति से मुकेश पटेल बने प्रखंड अध्यक्ष
Barun चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया, जिसके बाद उपस्थित सदस्यों ने मुकेश पटेल के नाम पर सहमति जताई। घोषणा होते ही सभागार तालियों से गूंज उठा।
नव-निर्वाचित अध्यक्ष मुकेश पटेल ने पत्रकारों से बातचीत में भावुक होते हुए कहा कि वह पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। पटेल ने भरोसा दिलाया कि बारुण प्रखंड में पार्टी को और सशक्त बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए गर्व की बात है।
विधायक चेतन आनंद ने कार्यकर्ताओं को दिया संदेश
Barun कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक चेतन आनंद ने बारुण प्रखंड के कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया और नव-निर्वाचित अध्यक्ष को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संगठन की ताकत कार्यकर्ताओं की एकजुटता में होती है और यही एकजुटता पार्टी को आगे बढ़ाती है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर सरकार की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाएं। विधायक ने कहा कि संगठन को मजबूत करना ही आने वाले समय की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
हाईकोर्ट में चुनौती पर विधायक का बयान
Barun कार्यक्रम के बाद पत्रकारों ने विधायक से विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और हाईकोर्ट में दी गई चुनौती को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने कहा कि वे न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं।
हालांकि, उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव परिणाम को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रशासन को ईवीएम मशीनों को सुरक्षित रखने के बजाय विपक्षी प्रत्याशी के घर भेज देना चाहिए था, ताकि वे रोज वोट गिनकर अपनी हार का आकलन कर लेते।
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कार्यक्रम में कई स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और अंत में संगठन को मजबूत करने के संकल्प के साथ बैठक समाप्त हुई।
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