Report by: Ravindra Singh
Balod : जिले के नेशनल हाईवे-930 (NH-930) पर आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी के नेतृत्व में तमाम पार्षदों और स्थानीय नागरिकों ने सड़क पर ही धरना दे दिया। ड्रेनेज सिस्टम की खामियों और अधिकारियों की कथित लापरवाही के खिलाफ शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन ‘चक्काजाम’ में बदल गया, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
Balod अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी के नेतृत्व में पार्षदों का साझा मोर्चा
इस विरोध प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के पार्षद दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एक साथ नजर आए। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने एनएच विभाग के अधिकारियों पर सीधा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि विभाग की मनमानी के कारण शहर की व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। जनप्रतिनिधियों की मांग है कि जब तक ड्रेनेज सिस्टम में सुधार नहीं किया जाता और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
Balod सड़क निर्माण के दो साल बाद भी अधूरा ड्रेनेज: व्यापारियों का फूटा गुस्सा
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि नेशनल हाईवे का निर्माण हुए दो साल बीत चुके हैं, लेकिन नाली व्यवस्था (Drainage System) को आज तक दुरुस्त नहीं किया गया है। मामूली बारिश में भी बस स्टैंड और मुख्य बाजार के पास जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है। व्यापारियों ने बताया कि वे लंबे समय से इसकी शिकायत कर रहे हैं, लेकिन बार-बार आश्वासन मिलने के बाद भी जमीन पर कोई सुधार नहीं दिखा, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें चक्काजाम का रास्ता चुनना पड़ा।
Balod भीषण गर्मी के बीच सड़क पर डटे प्रदर्शनकारी
कड़ी धूप और गर्मी के बावजूद नगर पालिका अध्यक्ष और अन्य प्रदर्शनकारी सड़क पर ही डटे रहे। चक्काजाम की वजह से बस स्टैंड क्षेत्र और हाईवे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अब खोखले आश्वासनों से मानने वाले नहीं हैं, उन्हें समस्या का तत्काल और स्थायी समाधान चाहिए।
Balod मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमला, मान-मनौव्वल जारी
चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलते ही एनएच विभाग के अधिकारी, स्थानीय प्रशासन और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। अधिकारी लगातार आंदोलनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस की टीम यातायात को डाइवर्ट करने की कोशिश में जुटी है। हालांकि, जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ठोस कार्ययोजना पेश नहीं की जाती, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे।
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