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by-Ravindra Sikarwar

अयोध्या में श्रीराम मंदिर परिसर आगामी 25 नवंबर 2025 को होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह के लिए पूरी तरह से तैयार है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे, जो न केवल ध्वजारोहण करेंगे बल्कि विशाल संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित भी करेंगे। सुरक्षा और भव्यता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं।

भव्य प्रवेश और मंच की व्यवस्था:
प्रधानमंत्री मोदी शंकराचार्य प्रवेश द्वार से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। इस प्रवेश द्वार को अत्यंत भव्यता से सजाया गया है, और सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

  • दो मंचों का निर्माण: समारोह के लिए मंदिर परिसर में दो अलग-अलग मंच बनाए गए हैं:
  1. एक मंच जहाँ प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा।
  2. दूसरा मंच, जहाँ से वे उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे।
  • परिसर का सौंदर्यीकरण: प्रवेश द्वार के दक्षिणी भाग में जमीन को समतल कर व्यू कटर लगाए गए हैं, और पक्का रैंप तैयार किया गया है। बौच क्षेत्र को प्राकृतिक घास, सजावटी पौधों और सुगंधित फूलों से सुसज्जित किया गया है, जो पूरे वातावरण को मनमोहक बना रहा है। उत्तर दिशा में भी भूमि को समतल करके हरियाली (ग्रीनरी) विकसित की गई है। मंदिर तक जाने वाले मार्ग को हरे आवरण से ढका गया है।

ध्वजारोहण की विशेष प्रक्रिया:
राम मंदिर के शिखर पर 191 फीट की ऊँचाई पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए एक विशेष मचान (Scaffolding) तैयार किया गया है।

  • तकनीकी व्यवस्था: इस विशेष मचान पर सेना के विशेषज्ञ तैनात रहेंगे। प्रधानमंत्री मंच से डोरी खींचकर सांकेतिक रूप से ध्वज फहराएंगे, जबकि सेना के विशेषज्ञ पूर्वनिर्धारित और सुरक्षित प्रक्रिया के अनुसार ध्वज आरोहण सुनिश्चित करेंगे।

समारोह में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति:
ध्वजारोहण के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वार के पास बने मंच पर पहुँचेंगे। इस दौरान उनके साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे।

  • स्वागत: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अन्य पदाधिकारी गणमान्य अतिथियों का स्वागत करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री जनता को संबोधित करेंगे।

अत्याधुनिक सुरक्षा और निगरानी:
हाल ही में दिल्ली में हुए बम विस्फोट जैसी घटनाओं और बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के मद्देनजर, राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक कड़ा कर दिया गया है।

  • मोबाइल प्रतिबंध: सुरक्षा कारणों से, 25 नवंबर को मेहमानों को मोबाइल फोन लेकर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
  • सुरक्षा उपकरण: परिसर में अतिरिक्त मेटल डिटेक्टर, डॉग स्क्वॉड, उन्नत सर्विलांस सिस्टम और नए हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं।
  • रियल-टाइम मॉनिटरिंग: सभी कैमरों को एक आधुनिक कंट्रोल रूम से एकीकृत किया गया है, जहाँ से पूरे समारोह की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह के दौरान सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक को रोकना है।

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