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Report by: Dinanath Mauar

Aurangabad : जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र में आज एक भीषण सड़क दुर्घटना सामने आई है। अंबा-नबीनगर रोड पर सुही मोड़ के समीप एक तेज रफ्तार हाइवा और यात्री बस के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में बस में सवार दो दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिससे इलाके में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।

हादसे का विवरण: 50 यात्रियों से भरी बस को हाइवा ने मारी टक्कर

Aurangabad जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब एक यात्री बस औरंगाबाद से अंबा होते हुए नबीनगर की ओर जा रही थी। बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे। जैसे ही बस सुही मोड़ के पास पहुंची, सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार हाइवा ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।

  • घायलों की पहचान: घायलों में मुख्य रूप से अंकोड़ा गांव निवासी 80 वर्षीय प्रमोद साव, कुटुंबा के वर्मा गांव निवासी अजय मेहता की पुत्री अंजली कुमारी (20), और मथुरापुर निवासी सत्येंद्र यादव की पुत्री बेबी कुमारी (18) शामिल हैं।
  • राहत कार्य: टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकाला और निजी व सरकारी वाहनों से अस्पताल भिजवाया।

फ्लाई ऐश लदा हाइवा और एक्सप्रेस-वे निर्माण का कनेक्शन

Aurangabad दुर्घटना में शामिल हाइवा पर फ्लाई ऐश (राख) लदा हुआ था। बताया जा रहा है कि यह हाइवा एनटीपीसी (NTPC) से राख लेकर एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य के लिए जा रहा था।

ग्रामीणों ने इस घटना के बाद निर्माण कार्य में लगे वाहनों के परिचालन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि एक्सप्रेस-वे के काम में लगे डंपर और हाइवा चालक नियमों की अनदेखी कर आबादी वाले क्षेत्रों में भी अत्यंत तेज गति से वाहन चलाते हैं। फ्लाई ऐश लदे इन भारी वाहनों के कारण सड़क पर धूल का गुबार और अनियंत्रित रफ्तार आए दिन हादसों को दावत दे रही है।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई

Aurangabad घटना की सूचना मिलते ही कुटुंबा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात सुचारू कराया। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य में लगे भारी वाहनों की गति सीमा तय की जाए और रिहायशी इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों को रोका जा सके। फिलहाल, गंभीर रूप से घायल कुछ यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

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