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Report by: Ishu Kumar

Assam : असम की 126 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान ने इस बार नया इतिहास रच दिया है। 9 अप्रैल को संपन्न हुई मतदान प्रक्रिया में जनता ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाते हुए 85 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया है। चुनाव आयोग के शुरुआती आंकड़ों ने विश्लेषकों को चौंका दिया है, क्योंकि यह आंकड़ा 2021 के विधानसभा चुनाव (82.5%) के मुकाबले काफी अधिक है। भारी मतदान को देखते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एनडीए की ऐतिहासिक जीत का भरोसा जताया है।

Assam ‘ट्रिपल डिजिट’ का सपना: एनडीए की 100+ सीटों पर नजर

मतदान के तुरंत बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन इस बार ‘ट्रिपल डिजिट’ यानी 100 से अधिक सीटें हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि मतदान का जो पैटर्न इस बार दिखा है, वह स्पष्ट रूप से सत्ता पक्ष के पक्ष में जाता नजर आ रहा है। असम की 126 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 64 सीटों की आवश्यकता होती है, लेकिन मुख्यमंत्री का मानना है कि इस बार विपक्ष का सूपड़ा साफ होने वाला है और जनता ने विकास की निरंतरता को चुना है।

Assam मतदान पैटर्न में बदलाव और सभी समुदायों की भागीदारी

मुख्यमंत्री ने इस बार के मतदान को बेहद खास बताया है। उनके विश्लेषण के अनुसार, इस बार वोटिंग का रुझान केवल कुछ विशिष्ट क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सभी समुदायों और भौगोलिक क्षेत्रों में समान रूप से उच्च मतदान हुआ है। उन्होंने संकेत दिया कि पहले जिन क्षेत्रों में मतदान कम रहता था, वहां भी इस बार लोगों ने लंबी कतारें लगाकर अपनी भागीदारी दर्ज की है। मुख्यमंत्री का अनुमान है कि जब अंतिम और संशोधित आंकड़े आएंगे, तो मतदान का कुल प्रतिशत 86 से 87 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।

Assam अस्मिता, सुरक्षा और ‘घुसपैठ’ का मुद्दा

हिमंत बिस्वा सरमा ने मतदान के पीछे के सामाजिक और सांस्कृतिक कारकों पर जोर देते हुए कहा कि यह वोट केवल सड़क और बिजली के लिए नहीं, बल्कि असम की सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं, विशेषकर महिलाओं और युवाओं ने राज्य की सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए वोट डाला है। मुख्यमंत्री ने इसे ‘घुसपैठियों के खिलाफ और स्वदेशी पहचान के पक्ष में’ दिया गया जनादेश बताया। उनके अनुसार, असम की संस्कृति को बचाने की जो लहर पिछले कुछ समय से देखी जा रही थी, वह ईवीएम में स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।

Assam एक ही चरण में फैसला, अब 4 मई का इंतजार

असम की सभी 126 सीटों पर इस बार चुनाव आयोग ने एक ही चरण में मतदान कराकर प्रशासनिक कुशलता का परिचय दिया। राज्य में शांतिपूर्ण तरीके से इतनी बड़ी संख्या में मतदान होना लोकतंत्र की बड़ी जीत माना जा रहा है। अब सबकी नजरें 4 मई पर टिकी हैं, जब मतगणना होगी और यह साफ होगा कि क्या उच्च मतदान प्रतिशत वास्तव में मौजूदा सरकार के पक्ष में ‘प्रो-इंकंबेंसी’ लहर है या फिर विपक्ष ने कोई बड़ा उलटफेर किया है। फिलहाल, भाजपा खेमा जश्न के मूड में है, जबकि विपक्षी दल अपने-अपने समीकरणों के साथ जीत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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