Anasuya Jayanti : 6 अप्रैल 2026, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो दोपहर 2 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। इसके साथ ही इस दिन कई शुभ योग और नक्षत्र भी बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ और व्रत के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
Anasuya Jayanti तिथि, योग और नक्षत्र
- चतुर्थी तिथि: दोपहर 2:11 बजे तक
- सिद्धि योग: दोपहर 3:25 बजे तक
- अनुराधा नक्षत्र: देर रात 2:57 बजे तक
इन योगों का संयोग दिन को आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए शुभ बनाता है।
Anasuya Jayanti राहुकाल का समय
राहुकाल में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। विभिन्न शहरों के अनुसार समय इस प्रकार है:
- दिल्ली: सुबह 7:40 से 9:15 तक
- मुंबई: सुबह 8:02 से 9:35 तक
- चंडीगढ़: सुबह 7:41 से 9:16 तक
- लखनऊ: सुबह 7:27 से 9:01 तक
- भोपाल: सुबह 7:42 से 9:15 तक
- कोलकाता: सुबह 6:59 से 8:32 तक
- अहमदाबाद: सुबह 8:01 से 9:35 तक
- चेन्नई: सुबह 7:34 से 9:07 तक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 6:03 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:41 बजे
माता अनुसुइया जयंती का महत्व
Anasuya Jayanti इस दिन माता अनुसुइया की जयंती मनाई जाती है, जो महर्षि अत्रि की पत्नी और अपनी पतिव्रता धर्म तथा तपस्या के लिए प्रसिद्ध हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, उन्होंने अपनी शक्ति से ब्रह्मा, विष्णु और महेश को बाल रूप में परिवर्तित कर दिया था।
यह पर्व विशेष रूप से उत्तराखंड के चमोली स्थित सती अनुसुइया आश्रम और चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थलों पर बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।
व्रत और पूजा का महत्व
Anasuya Jayanti इस दिन महिलाएं व्रत रखकर माता अनुसुइया और महर्षि अत्रि की पूजा करती हैं। मान्यता है कि इससे पति की आयु बढ़ती है, परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और घर में समृद्धि आती है।
मंदिरों और आश्रमों में भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और मेलों का आयोजन भी किया जाता है, जिससे वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
यह दिन श्रद्धा, आस्था और पारिवारिक सुख-समृद्धि की कामना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
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