Report by: Ishu Kumar
Ambikapur : छत्तीसगढ़ का सरगुजा जिला इन दिनों भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान की चपेट में है। ऐसे समय में जब लोग धूप से बचने के लिए छतों और कूलरों का सहारा ले रहे हैं, अंबिकापुर के अंतरराज्यीय बस स्टैंड (Interstate Bus Stand) पर आने वाले यात्रियों के लिए स्थिति नारकीय बनी हुई है। स्वच्छता के मामले में देशभर में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाला अंबिकापुर शहर आज अपने ही बस स्टैंड की अव्यवस्थाओं के कारण सवालों के घेरे में है। यात्रियों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा दी जाने वाली बुनियादी सुविधाएं केवल कागजों तक ही सीमित रह गई हैं।
प्रतीक्षालय में बंद पड़े पंखे: गर्मी ने बढ़ाई यात्रियों की मुसीबत
Ambikapur बस स्टैंड के प्रतीक्षालय (Waiting Hall) की स्थिति बेहद दयनीय है। यहाँ दूर-दराज के क्षेत्रों और अन्य राज्यों से आने वाले यात्री बसों के इंतजार में घंटों बैठते हैं, लेकिन भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए लगाए गए अधिकांश पंखे बंद पड़े हैं।
यात्रियों का कहना है कि जलती गर्मी के बीच बिना हवा के बैठना किसी सजा से कम नहीं है। लंबे समय से खराब पड़े इन पंखों की मरम्मत न कराया जाना नगर निगम प्रशासन की घोर लापरवाही को दर्शाता है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार यात्रियों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो रही है, क्योंकि बस स्टैंड परिसर के भीतर वेंटिलेशन की भी उचित व्यवस्था नहीं है।
बदहाल शौचालय और पानी की किल्लत: महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा पर सवाल
Ambikapur बस स्टैंड पर स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ती साफ देखी जा सकती हैं। सबसे ज्यादा परेशानी महिला यात्रियों को उठानी पड़ रही है। शौचालयों की स्थिति इतनी खराब है कि वहां से आने वाली तेज बदबू के कारण खड़ा होना भी दूभर है।
महिलाओं ने शिकायत की है कि:
- शौचालयों में साफ-सफाई का पूर्ण अभाव है और नियमित सफाई नहीं की जाती।
- पर्याप्त पानी की व्यवस्था न होने के कारण गंदगी और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
- हैरानी की बात यह है कि कई शौचालयों के दरवाजों की कुंडी तक टूटी हुई है, जिससे महिलाओं को असुरक्षा और असहजता का सामना करना पड़ता है।
‘स्वच्छ शहर’ की छवि पर दाग: प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल
Ambikapur ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्वच्छता रैंकिंग से प्रदेश का मान बढ़ाया है, लेकिन बस स्टैंड की यह तस्वीर उस गौरवशाली छवि को धूमिल कर रही है। यात्रियों का कहना है कि स्टैंड पर केवल शुल्क वसूली पर ध्यान दिया जाता है, जबकि यात्री सुविधाओं (Passenger Facilities) को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि गर्मी के इस मौसम को देखते हुए तत्काल बंद पड़े पंखों को सुधारा जाए, पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए और शौचालयों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन कब नींद से जागता है और यात्रियों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल पाती है।
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