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Report by: Ganesh Singh

New Delhi : भारत के सबसे पुराने राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में से एक, ‘अखिल भारत हिंदू महासभा’ ने 13 अप्रैल 2026 को अपनी स्थापना के 112 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर कश्मीर से कन्याकुमारी तक संगठन के कार्यकर्ताओं ने उत्साह और श्रद्धा के साथ कार्यक्रमों का आयोजन किया। स्थापना दिवस के इस समारोह में न केवल संगठन की गौरवशाली विरासत को याद किया गया, बल्कि भावी पीढ़ी के लिए राष्ट्र और धर्म सेवा का रोडमैप भी तैयार किया गया।

New Delhi मदन मोहन मालवीय की विरासत और गौरवशाली इतिहास

अखिल भारत हिंदू महासभा की नींव 13 अप्रैल 1915 को महामना पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा रखी गई थी। स्थापना दिवस के अवसर पर वक्ताओं ने संगठन के 111 वर्षों के सफर पर प्रकाश डाला। कार्यकर्ताओं को याद दिलाया गया कि कैसे इस संगठन ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक वैचारिक चेतना जागृत करने का कार्य किया है। मदन मोहन मालवीय के उन मूल सिद्धांतों को फिर से दोहराया गया, जो समाज को एकजुट और सशक्त बनाने पर केंद्रित हैं।

New Delhi स्वामी चक्रपाणि महाराज का आह्वान: राष्ट्र और धर्म प्रथम

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि नंद गिरी के मार्गदर्शन में देश के विभिन्न हिस्सों में भव्य सम्मेलन आयोजित किए गए। अपने संबोधन में स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि हिंदू महासभा केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक जीवंत विचारधारा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान और राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा के लिए खुद को समर्पित कर दें। उन्होंने सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय सुरक्षा को संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

New Delhi राष्ट्रनायकों को नमन और वैचारिक संकल्प

कार्यक्रम के दौरान वीर विनायक दामोदर सावरकर और लाला लाजपत राय जैसे महान राष्ट्रनायकों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि सावरकर और लाला लाजपत राय जैसे नेताओं ने विपरीत परिस्थितियों में भी हिंदुत्व और देशभक्ति की मशाल जलाए रखी। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे इन महान नेताओं के पदचिह्नों पर चलते हुए सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भावना को हर घर तक पहुँचाएंगे।

New Delhi अंतरराष्ट्रीय सम्मान और भविष्य की रूपरेखा

स्थापना दिवस समारोह में हाल ही में स्वामी चक्रपाणि महाराज को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों का भी विशेष उल्लेख किया गया। ब्रिटेन की संसद ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाना और हरिद्वार में ‘जगद्गुरु’ की उपाधि से नवाजा जाना, संगठन के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का प्रतीक माना जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में देशभर के कार्यकर्ताओं ने भंडारा, प्रसाद वितरण और जरूरतमंदों की सेवा कर इस दिन को सार्थक बनाया। साथ ही, आगामी वर्ष के लिए संगठन के विस्तार की शपथ भी ली गई।

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