by-Ravindra Sikarwar
उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों द्वारा एक सैनिक को कथित तौर पर रोका गया और उसके साथ मारपीट की गई। इस घटना के बाद, चार व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
घटना का विवरण:
यह घटना मेरठ के परतापुर टोल प्लाजा पर हुई। जानकारी के अनुसार, सेना के जवान अपनी कार से कहीं जा रहे थे। जब वे टोल प्लाजा पर पहुंचे, तो टोल कर्मियों ने उनसे टोल टैक्स मांगा। सैनिक ने अपना पहचान पत्र (identity card) दिखाया और कहा कि सेना के वाहनों और कर्मियों को टोल टैक्स से छूट होती है।
हालांकि, टोल कर्मियों ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया और उनसे टोल टैक्स देने पर जोर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कुछ टोल कर्मी सैनिक के साथ धक्का-मुक्की कर रहे हैं और उसे पीट रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई:
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और घायल सैनिक को अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद, सैनिक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और तत्काल कार्रवाई करते हुए चार टोल कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों पर मारपीट, सरकारी कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
टोल प्लाजा पर विवाद:
यह पहली बार नहीं है जब टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों और आम जनता के बीच विवाद हुआ है। इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें टोल कर्मियों पर अभद्र व्यवहार, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगे हैं। टोल टैक्स के नियमों और छूट को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है, जिससे इस तरह के विवाद पैदा होते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर से टोल प्लाजा पर सुरक्षा और टोल कर्मियों के व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सैन्य कर्मियों के साथ इस तरह का व्यवहार एक गंभीर मुद्दा है और इस पर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है।
