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by-Ravindra Sikarwar

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्य पूर्व शांति प्रयासों को एक बड़ा झटका लगा है, जब गाजा पट्टी पर शासन करने वाले संगठन हमास ने उनके 20-सूत्री योजना के प्रमुख बिंदुओं पर सहमति जताई है। 3 अक्टूबर 2025 को जारी बयान में हमास ने सभी बंधित इजरायली नागरिकों की रिहाई का ऐलान किया है, जिसमें जीवित और मृत दोनों शामिल हैं। यह कदम 2023 के 7 अक्टूबर हमले के बाद से चले आ रहे गाजा संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जिसमें अब तक 48 इजरायली बंधक हमास की कैद में हैं, जिनमें से लगभग 20 जीवित बताए जाते हैं। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इजरायल को गाजा पर बमबारी तुरंत रोकने का निर्देश दिया है, और कहा है कि हमास शांति के लिए तैयार है। हालांकि, हमास ने योजना के कुछ प्रावधानों पर अतिरिक्त वार्ता की मांग की है, जिससे प्रक्रिया में कुछ देरी संभव है।

ट्रंप के शांति प्रस्ताव का सार:
ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तुत यह योजना गाजा संकट को समाप्त करने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करती है। योजना के प्रमुख तत्व निम्नलिखित हैं:

  • तत्काल युद्धविराम: इजरायल और हमास के बीच तुरंत लड़ाई बंद करने का प्रावधान, जो संघर्ष के 23 महीनों के बाद राहत का संकेत देता है।
  • बंधक विनिमय: हमास द्वारा सभी 48 बंधकों की रिहाई, जिसमें 20 जीवित इजरायलियों को 72 घंटों के भीतर मुक्त किया जाना शामिल है। बदले में, इजरायल 250 फिलिस्तीनी कैदियों और 1,700 गाजा निवासियों को रिहा करेगा, जो युद्ध के दौरान गिरफ्तार किए गए थे।
  • गाजा प्रशासन का हस्तांतरण: हमास ने गाजा पट्टी का प्रशासन किसी अन्य निकाय को सौंपने की पेशकश की है, ताकि क्षेत्र में स्थिरता बहाल हो सके।
  • मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण: योजना में गाजा में तत्काल सहायता पहुंचाने और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय फंडिंग का प्रावधान है।
  • दीर्घकालिक शांति: सीमा सुरक्षा, आर्थिक विकास और फिलिस्तीनी राज्य की संभावना पर बातचीत को बढ़ावा देने के लिए एक फॉर्मूला।

ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि यह योजना “मध्य पूर्व में शांति का नया दौर” शुरू करेगी, और उन्होंने हमास को रविवार शाम तक सौदे को अंतिम रूप देने का अल्टीमेटम दिया। यह प्रस्ताव ट्रंप के पहले कार्यकाल के “डील ऑफ द सेंचुरी” की याद दिलाता है, लेकिन अब गाजा संकट के संदर्भ में अधिक केंद्रित है।

हमास की प्रतिक्रिया: सहमति और शर्तें
हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हानिया ने दोहा से जारी बयान में कहा कि संगठन ट्रंप के प्रस्ताव के “मुख्य फॉर्मूले” को स्वीकार करता है, विशेष रूप से बंधकों की रिहाई और युद्धविराम पर। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी इजरायली बंधकों—जीवित और मृत—को रिहा किया जाएगा, लेकिन योजना के कुछ बिंदुओं जैसे फिलिस्तीनी कैदियों की संख्या और गाजा में इजरायली सेना की वापसी की शर्तों पर और चर्चा जरूरी है। हमास ने जोर दिया कि यह कदम “फिलिस्तीनी लोगों की पीड़ा को कम करने” के लिए है, लेकिन इजरायल को “व्यापक युद्ध अपराधों” के लिए जवाबदेह ठहराने की मांग भी की।

यह सहमति मिस्र, कतर और अमेरिका के मध्यस्थों की लंबी वार्ताओं का परिणाम है, जो अगस्त 2025 से चल रही थीं। हमास ने पहले भी बंधकों की रिहाई की पेशकश की थी, लेकिन इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों के कारण बातचीत रुकी हुई थी। अब, संगठन का यह फैसला क्षेत्रीय शक्तियों जैसे ईरान और तुर्की को भी प्रभावित कर सकता है, जो हमास के समर्थक रहे हैं।

इजरायल और ट्रंप की प्रतिक्रिया:
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार योजना की जांच कर रही है, लेकिन बंधकों की सुरक्षित रिहाई को प्राथमिकता दी जाएगी। ट्रंप ने इजरायल को “गाजा पर बमबारी रोकने” का सख्त निर्देश दिया, और कहा कि “हमास शांति के लिए तैयार है, अब इजरायल का समय है।” उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि यह “मेरा सबसे बड़ा कूटनीतिक विजय” होगा।

अमेरिकी विदेश विभाग ने स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम “मानवीय संकट को समाप्त करने” की दिशा में है, लेकिन योजना के कार्यान्वयन पर नजर रखी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सौदा सफल होता है, तो इससे गाजा में लाखों विस्थापितों को राहत मिलेगी, जहां युद्ध के कारण 40,000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं।

पृष्ठभूमि: 2023 हमले से अब तक का सफर
यह विकास 7 अक्टूबर 2023 के हमास के आश्चर्यजनक हमले से जुड़ा है, जिसमें 1,200 इजरायलियों की मौत हुई और 250 से अधिक बंधक बनाए गए। इजरायल की जवाबी कार्रवाई में गाजा में भारी तबाही हुई, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने युद्धविराम की मांग की। ट्रंप ने सितंबर 2025 में इस योजना को पेश किया था, जो उनके दूसरे कार्यकाल की विदेश नीति का हिस्सा है। पिछली वार्ताओं में 100 से अधिक बंधकों की रिहाई हो चुकी है, लेकिन शेष 48 पर गतिरोध बना हुआ था।

संभावित प्रभाव और चुनौतियां:
यदि यह सौदा लागू होता है, तो मध्य पूर्व में शांति प्रक्रिया को गति मिल सकती है। गाजा में मानवीय सहायता बढ़ेगी, और फिलिस्तीनी-इजरायली वार्ता फिर से शुरू हो सकती है। हालांकि, चुनौतियां बरकरार हैं: हमास की आंतरिक कलह, इजरायल की सुरक्षा चिंताएं और क्षेत्रीय शक्तियों का हस्तक्षेप। संयुक्त राष्ट्र ने स्वागत किया है, लेकिन “पूर्ण युद्धविराम और न्याय” की मांग की है।

ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह योजना “इतिहास का सबसे बड़ा शांति समझौता” बनेगी, लेकिन विशेषज्ञ सतर्क हैं कि कार्यान्वयन में देरी हो सकती है। फिलहाल, सभी पक्ष रविवार तक अंतिम फैसला लेने की तैयारी कर रहे हैं, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।