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by-Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: हवाई यात्रा को अधिक सुलभ और तनावमुक्त बनाने के उद्देश्य से नागरिक उड्डयन मंत्रालय (मोसीए) ने सोमवार को एक अनोखी पहल ‘फेयर से फुरसत’ को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। यह योजना सरकारी स्वामित्व वाली क्षेत्रीय विमानन कंपनी एलायंस एयर के माध्यम से लागू की जा रही है, जिसमें यात्रियों को बुकिंग की तारीख से कोई फर्क नहीं पड़ता—चाहे महीनों पहले बुक करें या प्रस्थान के दिन—एक ही निश्चित किराया चुकाना पड़ेगा। त्योहारों के मौसम से ठीक पहले शुरू हुई यह योजना 13 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक पायलट चरण में चलेगी, जिसमें चुनिंदा क्षेत्रीय मार्गों पर इसका परीक्षण किया जाएगा। सिविल एविएशन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने लॉन्च समारोह में कहा कि यह कदम यात्रियों को किराए के उतार-चढ़ाव से होने वाली चिंता से आजादी दिलाएगा और छोटे शहरों के निवासियों को पहली बार हवाई यात्रा का मौका देगा।

योजना का विस्तृत विवरण:
‘फेयर से फुरसत’ योजना का मुख्य लक्ष्य हवाई यात्रा में मूल्य स्थिरता लाना है, जो आमतौर पर मांग के आधार पर बढ़ते किरायों से प्रभावित होती है। एलायंस एयर के तहत ‘वन रूट, वन फेयर’ मॉडल अपनाया गया है, जिसमें प्रत्येक चयनित मार्ग पर एकल, अपरिवर्तनीय किराया निर्धारित किया जाएगा। यह किराया बुकिंग के समय या प्रस्थान के दिन भी समान रहेगा, जिससे यात्रियों को आखिरी मिनट की महंगाई का सामना न करना पड़े। योजना का पायलट चरण त्योहारों जैसे दिवाली और छठ के दौरान लागू होगा, जब किराए सामान्यतः 50-100 प्रतिशत तक उछल जाते हैं।

एलायंस एयर, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) का मुख्य आधार है, वर्तमान में सप्ताह में लगभग 390 उड़ानें संचालित करती है। कंपनी की फ्लीट में एटीआर और डॉर्नियर टर्बोप्रॉप विमान शामिल हैं, जो छोटे हवाई अड्डों जैसे दिमापुर, आइजोल, जगदलपुर, जलगांव, बिलासपुर, बीकानेर और रूपसी को जोड़ते हैं। पायलट चरण में ये मार्ग प्राथमिकता वाले होंगे, जहां टियर-2 और टियर-3 शहरों के निवासी सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। किराए की राशि मार्ग की दूरी और मांग के आधार पर तय की जाएगी, लेकिन यह बाजार दर से 20-30 प्रतिशत कम रखने का प्रयास होगा। यात्रियों को बुकिंग के लिए एलायंस एयर की वेबसाइट या ऐप का उपयोग करना होगा, जहां योजना की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध होगी।

लॉन्च समारोह और मंत्री के बयान:
लॉन्च कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित हुआ, जिसमें सिविल एविएशन सचिव समीर कुमार सिन्हा, एलायंस एयर के चेयरमैन अमित कुमार और सीईओ राजर्षि सेन उपस्थित थे। मंत्री नायडू ने कहा, “यह योजना उदान (उड़े देश का आम नागरिक) कार्यक्रम के मूल सिद्धांतों से पूरी तरह मेल खाती है। एलायंस एयर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को साकार कर रही है, जो मध्यम वर्ग, निम्न-मध्यम वर्ग और नव-उभरते मध्यम वर्ग के लिए हवाई यात्रा को सुलभ बनाना चाहता है।” उन्होंने योजना को “लाभ के बजाय जनसेवा को प्राथमिकता देने वाला साहसिक कदम” करार दिया।

नायडू ने आगे हवाई यात्रा को “गरिमामय और किफायती” बनाने के लिए अन्य पहलें भी साझा कीं। उदाहरण के लिए, उदान यात्रियों के कैफे (उदान यात्री कैफे) शुरू किए गए हैं, जहां हवाई अड्डों पर चाय 10 रुपये, कॉफी 20 रुपये और स्नैक्स 20 रुपये में उपलब्ध होंगे। यह कदम छोटे शहरों से आने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जहां महंगे स्नैक्स एक बोझ बन जाते हैं। मंत्री ने जोर दिया कि योजना पारदर्शिता, स्थिरता और यात्री आराम पर केंद्रित है, जो भारत की विमानन नीति को नई दिशा देगी।

उदान योजना से जुड़ाव और अपेक्षित लाभ:
यह पहल 2016 में शुरू हुई उदान योजना का विस्तार है, जो क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए लाई गई थी। उदान के तहत अब तक 500 से अधिक मार्गों पर उड़ानें शुरू हुई हैं, और ‘फेयर से फुरसत’ इनमें से चुनिंदा मार्गों पर किराए की अनिश्चितता को दूर करेगी। योजना से अपेक्षित लाभ इस प्रकार हैं:

  • यात्रियों के लिए: किराए की भविष्यवाणी और शांति मिलेगी, खासकर उत्सवों के दौरान। छोटे शहरों के निवासी, जो पहली बार उड़ान भरने की सोच रहे हैं, इसे प्रोत्साहन मिलेगा। अनुमान है कि पायलट चरण में 50,000 अतिरिक्त यात्री लाभान्वित होंगे।
  • उद्योग के लिए: क्षेत्रीय विमानन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे छोटे हवाई अड्डों का उपयोग बढ़ेगा। एलायंस एयर जैसे सरकारी विमानन कंपनियों की आय स्थिर होगी, भले ही लाभ कम हो।
  • आर्थिक प्रभाव: मध्यम वर्ग की खरीदारी क्षमता बढ़ेगी, जो पर्यटन और व्यापार को गति देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना पूरे विमानन क्षेत्र में निजी एयरलाइंस को भी निश्चित किराए की ओर प्रेरित करेगी।

चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं:
हालांकि योजना सराहनीय है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं। ईंधन मूल्य उतार-चढ़ाव और सीमित फ्लीट के कारण किराए को पूरी तरह नियंत्रित रखना कठिन हो सकता है। पायलट चरण के दौरान एलायंस एयर यात्री प्रतिक्रिया और संचालन क्षमता का मूल्यांकन करेगी। यदि सफल रही, तो इसे 2026 में पूरे नेटवर्क पर विस्तारित किया जाएगा, जिसमें अधिक मार्ग और निजी एयरलाइंस को शामिल करना शामिल होगा।

मंत्री नायडू ने कहा, “हम यात्रियों की प्रमुख शिकायत—किराए की अनिश्चितता—को हल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। यह योजना भारत को एक वैश्विक विमानन हब बनाने के सपने को साकार करेगी।” यह कदम न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि देश की आर्थिक वृद्धि को भी रफ्तार देगा। यात्रियों से अपील की गई है कि वे एलायंस एयर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर योजना के तहत बुकिंग करें।

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