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by-Ravindra Sikarwar

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में गुजरात के हंसलपुर में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के नए इलेक्ट्रिक वाहन (EV) प्लांट का उद्घाटन किया। यह कदम भारत के ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जो देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह प्लांट मारुति सुजुकी के जापान स्थित सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन (SMC) के साथ मिलकर स्थापित किया गया है।

प्लांट की मुख्य विशेषताएँ और निवेश:
इस अत्याधुनिक प्लांट को 10,400 करोड़ रुपये के बड़े निवेश के साथ स्थापित किया गया है। यह निवेश केवल EV निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बैटरी बनाने की सुविधा भी शामिल है।

  • बैटरी उत्पादन: इस प्लांट में लिथियम-आयन बैटरी बनाने के लिए एक विशेष सुविधा स्थापित की गई है। यह कदम भारत को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए महत्वपूर्ण घटकों के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा।
  • उत्पादन क्षमता: शुरुआत में, इस प्लांट की उत्पादन क्षमता प्रति वर्ष 2.5 लाख यूनिट होने की उम्मीद है, जिसे भविष्य में बढ़ाया जा सकता है।
  • रोजगार के अवसर: इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हज़ारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

भारत के EV मिशन को मिलेगा बढ़ावा:
प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन समारोह में कहा कि यह प्लांट न केवल “मेक इन इंडिया” पहल को मजबूत करेगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

भारत सरकार 2030 तक इलेक्ट्रिक वाहनों को कुल वाहन बिक्री का 30% बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। मारुति सुजुकी जैसी बड़ी कंपनी के इस क्षेत्र में उतरने से यह लक्ष्य प्राप्त करना आसान हो जाएगा, क्योंकि कंपनी का भारतीय बाजार में एक बड़ा हिस्सा है। मारुति का पहला इलेक्ट्रिक मॉडल 2025 तक बाजार में आने की उम्मीद है।

यह प्लांट भारत को इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल घरेलू बाजार की मांग को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य में भारत को वैश्विक EV विनिर्माण का केंद्र बनाने में भी मदद करेगा।