by-Ravindra Sikarwar
भोपाल: मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह द्वारा एक वरिष्ठ सेना अधिकारी के खिलाफ की गई विवादास्पद टिप्पणियों के मामले में विशेष जांच दल (SIT) सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपने वाला है। इस मामले ने राजनीतिक और सैन्य हलकों में काफी हलचल मचा दी थी।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब मंत्री विजय शाह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। मंत्री ने आरोप लगाया था कि उक्त अधिकारी ने उनके एक विभागीय निर्णय पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद उन्होंने अधिकारी को “अपनी हद में रहने” की सलाह दी। इस टिप्पणी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिससे लोगों में भारी आक्रोश फैल गया।
सेना का रुख और एसआईटी का गठन:
भारतीय सेना ने इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इसे “अत्यंत निंदनीय” बताया। सेना ने मांग की कि मंत्री सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। इसके बाद, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जिसने इसकी गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी को मामले की गहन जांच करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था।
एसआईटी की जांच:
एसआईटी ने अपनी जांच के दौरान कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें प्रत्यक्षदर्शी, कार्यक्रम के आयोजक और स्वयं मंत्री विजय शाह शामिल हैं। एसआईटी ने वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की भी जांच की है। यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
विपक्ष ने इस मुद्दे पर मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक और सैन्य संस्थानों के बीच संबंधों पर बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर हैं कि वह इस रिपोर्ट के आधार पर क्या फैसला सुनाता है।
