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by-Ravindra Sikarwar

मुंबई: महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के अवसर पर मनाए जाने वाले पारंपरिक दही हांडी उत्सव के दौरान दो लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग घायल हो गए। यह घटना शनिवार को राज्य भर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के दौरान हुई।

मृत्यु और घायलों का विवरण:

  • मृतक:
    • जयेश चव्हाण (20): मुंबई के माटुंगा में दही हांडी का पिरामिड बनाते समय गिरने से जयेश चव्हाण की मौत हो गई। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
    • प्रशांत मोरे (15): ठाणे में एक दही हांडी प्रतियोगिता के दौरान गिरने से 15 वर्षीय प्रशांत मोरे की मौत हो गई। वह पिरामिड के शीर्ष पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था तभी उसका संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिर गया।
  • घायल:
    • 200 से अधिक लोग: राज्य भर के अस्पतालों में 200 से ज्यादा लोगों को भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
    • घायलों में बच्चे और युवा: घायलों में ज्यादातर युवा और किशोर शामिल हैं, जो ‘गोविंदा’ के रूप में इन प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे थे।
    • चोटों के प्रकार: गिरने से सिर में चोट, फ्रैक्चर और आंतरिक रक्तस्राव के मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं।

सुरक्षा नियमों पर सवाल:
यह घटना एक बार फिर दही हांडी की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2014 में दही हांडी की ऊंचाई 20 फीट तक सीमित करने और 18 साल से कम उम्र के बच्चों को इसमें भाग लेने से रोकने का निर्देश दिया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने बाद में इस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिससे प्रतियोगिताओं में भाग लेने वालों की सुरक्षा पर फिर से बहस छिड़ गई है।

सरकार की प्रतिक्रिया:
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की भी घोषणा की है। इस घटना के बाद, आयोजकों और सुरक्षा नियमों को लेकर फिर से सख्ती बरते जाने की उम्मीद है।