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by-Ravindra Sikarwar

भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने कांग्रेस पार्टी द्वारा साझा किए गए एक AI-जनरेटेड वीडियो को गुमराह करने वाला बताया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि गृह मंत्री अमित शाह आरक्षण को समाप्त करने की बात कह रहे हैं। ECI ने इस वीडियो को फर्जी करार दिया है।

घटना का विवरण

  • वीडियो का दावा: इस वीडियो में, गृह मंत्री अमित शाह को यह कहते हुए दिखाया गया है कि यदि भाजपा तीसरी बार सत्ता में आती है, तो वे आरक्षण को खत्म कर देंगे।
  • ECI की प्रतिक्रिया: निर्वाचन आयोग ने वीडियो की जांच की और पाया कि यह डीपफेक तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है। इसमें गृह मंत्री के मूल भाषण को संपादित करके उनके शब्दों में हेरफेर किया गया है। आयोग ने कहा कि यह वीडियो मतदाताओं को भ्रमित करने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए बनाया गया था।
  • कानूनी कार्रवाई: ECI ने कांग्रेस को नोटिस जारी किया है और इस वीडियो को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, आयोग ने पार्टी से इस मामले पर स्पष्टीकरण देने को भी कहा है। ECI ने साइबर अपराध शाखा को भी इस मामले की जांच करने का आदेश दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीडियो किसने बनाया और साझा किया।
  • राजनीतिक प्रतिक्रिया: भाजपा ने इस वीडियो को “राजनीतिक दुर्भावना” का कार्य बताया है और कांग्रेस पर “झूठे प्रचार” का आरोप लगाया है।

यह घटना चुनावों के दौरान गलत सूचना (misinformation) और डीपफेक के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। ECI ने राजनीतिक दलों से इस तरह की तकनीक का दुरुपयोग न करने की अपील की है ताकि चुनावों की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे।