by-Ravindra Sikarwar
जगदीप धनखड़ के अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई सीट को भरने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक जल्द ही होने वाली है, जिसमें पार्टी अपने उम्मीदवार के नाम को अंतिम रूप देगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एक ऐसे उम्मीदवार का चयन करना है जो न केवल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर सर्वसम्मति से स्वीकार्य हो, बल्कि विपक्षी दलों के बीच से भी समर्थन जुटा सके।
पृष्ठभूमि और घटनाक्रम:
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस अप्रत्याशित कदम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। विपक्षी नेताओं, खासकर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने इस इस्तीफे पर सवाल उठाए थे और कहा था कि इसके पीछे कुछ और कारण हो सकते हैं। उनके इस्तीफे के बाद से, कई नामों पर अटकलें लगाई जा रही हैं कि कौन भारत का अगला उपराष्ट्रपति बन सकता है।
बीजेपी की रणनीति और संभावित उम्मीदवार:
बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। यह माना जाता है कि बीजेपी एक ऐसे चेहरे को सामने लाएगी जो पार्टी की विचारधारा से गहराई से जुड़ा हो और जिसका सार्वजनिक जीवन बेदाग हो।
रेस में कई नाम चर्चा में हैं, जिनमें:
- हरिवंश नारायण सिंह: राज्यसभा के उपसभापति, जो जनता दल (यूनाइटेड) से आते हैं। उनकी सदन चलाने की क्षमता और सभी दलों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाते हैं।
- मनोज सिन्हा: जम्मू और कश्मीर के पूर्व उपराज्यपाल। वह एक अनुभवी राजनेता हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाते हैं।
- आचार्य देवव्रत: गुजरात के राज्यपाल, जिनका नाम भी इस पद के लिए चर्चा में है।
- वी.के. सक्सेना: दिल्ली के उपराज्यपाल, जिन्होंने दिल्ली सरकार के साथ कई मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाया है।
इसके अलावा, कुछ अप्रत्याशित नाम भी सामने आ सकते हैं, क्योंकि बीजेपी अक्सर अपने फैसलों से राजनीतिक विश्लेषकों को चौंकाती रही है। 2022 के चुनाव में जगदीप धनखड़ का नाम सामने आना भी एक चौंकाने वाला फैसला था।
चुनाव प्रक्रिया और एनडीए का संख्या बल:
उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों द्वारा किया जाता है। चूंकि दोनों सदनों में एनडीए का संख्या बल मजबूत है, इसलिए यह लगभग तय है कि उनका उम्मीदवार आसानी से जीत हासिल करेगा। 2022 के चुनाव में भी एनडीए ने अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित की थी।
चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है, और मतदान 9 सितंबर को होगा। एनडीए अपने उम्मीदवार का नामांकन 21 अगस्त को दाखिल करने की योजना बना रहा है, जिसे एक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
यह चुनाव न केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सत्ताधारी दल राज्यसभा जैसे महत्वपूर्ण सदन में किस तरह का नेतृत्व चाहता है।
