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इंदौर में आयोजित मध्य प्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025 में, राज्य सरकार को लगभग 20,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 75,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

प्रमुख घोषणाएं और पहलें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं और नई पहलों का अनावरण किया, जिसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को एक प्रमुख तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करना है। यहां कुछ मुख्य बातें हैं:

  • निवेश और रोजगार: कॉन्क्लेव में लगभग 20,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे राज्य में लगभग 75,000 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है।
  • भूमि पूजन और शिलान्यास: मुख्यमंत्री ने विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास किया, जिसमें जीआईएस-भोपाल में आईटी क्षेत्र में प्राप्त 99 प्रस्तावों में से 25% का भूमि पूजन भी शामिल है।
  • औद्योगिक विकास पर जोर: मुख्यमंत्री ने उद्योगों को “भगवान की तरह दर्शन, जीविका का प्रसाद और आशीर्वाद” देने वाले मंदिरों के रूप में वर्णित किया। उन्होंने इंदौर को आईटी क्षेत्र की राजधानी के रूप में भी सराहा।
  • नए उद्योग पार्क: राज्य सरकार मध्य प्रदेश में पांच प्रमुख शहरों में नए उद्योग पार्क स्थापित करने की प्रक्रिया में है।
  • अंतर्राष्ट्रीय निवेश: कोरिया और जापान जैसे देशों ने भी मध्य प्रदेश में निवेश करने में रुचि दिखाई है।

घोषणाएं:

  • प्रदेश की स्पेस टेक नीति: मध्य प्रदेश सरकार एक नई स्पेस टेक नीति बनाएगी, जिसका उद्देश्य राज्य में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और उद्यमों को बढ़ावा देना है।
  • साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र: राज्य में एक साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा।
  • इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर 2.0: भोपाल में एक इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर विकसित किया जाएगा, जिसमें 1,500 करोड़ रुपये का निवेश होगा और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
  • भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान क्षेत्रीय केंद्र: यह केंद्र डिजिटल नवाचार, रचनात्मक शिक्षा और कौशल विकास के लिए एक एकीकृत मंच के रूप में कार्य करेगा।
  • एग्रीटेक उत्कृष्टता केंद्र: आईआईटी इंदौर में स्थापित किया जाएगा, जो कृषि नवाचारों को बढ़ावा देगा।
  • एमपी डिजिटल इकोनॉमी मिशन: निवेश प्रोत्साहन को सुविधाजनक बनाने के लिए इस मिशन का गठन किया जाएगा।
  • नए सुविधा केंद्र: इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में प्रमुख आईटी पार्कों में 4 नए सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
  • आईटी पार्क टॉवर, भोपाल: 125 करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख वर्ग फुट लीज योग्य जगह बनाई जाएगी।
  • प्लग एंड प्ले सुविधा: देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर में विकसित की जाएगी, जो टेक स्टार्टअप्स और कंपनियों को तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करेगी।

निष्कर्ष
मध्य प्रदेश टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025 राज्य के तकनीकी विकास के लिए एक महत्वपूर्ण घटना थी। इन पहलों से राज्य में निवेश को बढ़ावा मिलने, रोजगार के अवसर बढ़ने और मध्य प्रदेश के एक प्रमुख तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित होने की उम्मीद है।