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रिपोर्टर: मयंक गुप्ता

Gwalior : कभी अपनी शुद्ध मिठास के लिए मशहूर ग्वालियर-चंबल अंचल में इन दिनों मिलावटखोरी का काला कारोबार पैर पसार चुका है। आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया है। इस दौरान होटलों, रेलवे पेंट्री कार, डेयरियों और स्कूलों के मध्यान्ह भोजन रसोइयों से भारी मात्रा में संदिग्ध मावा, मिल्क केक, पनीर और घी जब्त किया गया है। अगस्त से अक्टूबर के बीच हुई इस कार्रवाई ने खाद्य सामग्री की शुद्धता और निगरानी तंत्र पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

दो महीनों में क्विंटल के हिसाब से पकड़ा गया मिलावटी सामान

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने कार्रवाई करते हुए ट्रांसपोर्ट नगर से राधिका एजेंसी का 706 लीटर गोवर्धन गाय का घी जब्त किया, जिसकी कीमत 4.62 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा मोर बाजार से भिंड से लाया गया लगभग 2,190 किलोग्राम संदिग्ध मावा और बजाजखाना से 24 किलो पनीर जब्त किया गया। वहीं पुरानी छावनी क्षेत्र में एक वाहन से राजस्थान और मुरैना से लाया जा रहा 4,526 किलोग्राम मिलावटी मिल्क केक पकड़ा गया। हाल ही में मुरैना से आई एक गाड़ी से भी 680 किलो मावे के सैंपल लिए गए हैं।

होटल, ढाबे, रेलवे पेंट्री कार और स्कूली रसोइयों में मिलीं गंभीर अनियमितताएं

विभाग की जांच केवल दुकानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि श्रीराम कॉलोनी स्थित ‘द प्रभा इंटरनेशनल होटल’ की रसोई को सील कर दिया गया क्योंकि वहां वेज और नॉन-वेज सामग्री एक ही फ्रीजर में रखी थी और होटल का लाइसेंस भी खत्म हो चुका था। इसके अलावा पंजाब मेल की पेंट्री कार से बिना लेबल वाली 200 से अधिक पानी की बोतलें जब्त की गईं। वर्णिता महिला मंडल द्वारा संचालित स्कूली मध्यान्ह भोजन (Mid-day Meal) की रसोई में चावल फर्श पर फैले मिले और गंदगी पाई गई, जिसके बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया है।

केवल सैंपलिंग नहीं, दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और पेनल्टी की जरूरत

विभाग हर साल हजारों सैंपल लैब में जांच के लिए भेजता है, लेकिन आम जनता के लिए असली सवाल यह है कि जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है। आंकड़ों के मुताबिक, बीते वर्षों में खाद्य सुरक्षा मामलों में करोड़ों रुपये का अर्थदंड तो लगाया गया, लेकिन उसकी वसूली का आंकड़ा काफी कम रहा है। केवल मौसमी या त्योहारों के समय छापेमारी करने के बजाय पूरे साल कड़ा निगरानी तंत्र लागू करने की सख्त जरूरत है, ताकि मिलावटी सामान बाजार तक पहुंचे ही न।

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