रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Gwalior : मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में शीतला माता मंदिर के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। घटना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सीएम ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में झांसी रोड के सीएसपी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है, जबकि तीन थाना प्रभारियों और एक यातायात निरीक्षक समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
Gwalior मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राज्य के सभी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधों की सख्त समीक्षा की जा रही है।
इस कार्रवाई के तहत जिन अधिकारियों और कर्मियों पर गाज गिरी है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- रवि भदौरिया (सीएसपी, झांसी रोड) – पद से हटाए गए।
- शक्ति सिंह यादव (टीआई, झांसी रोड थाना) – निलंबित।
- गीतेश शर्मा (टीआई, आंतरी थाना) – निलंबित।
- अभिषेक रघुवंशी (ट्रैफिक टीआई, झांसी रोड) – निलंबित।
- राघवेंद्र जादौन (निरीक्षक, यातायात) – निलंबित।
- सुशील द्विवेदी (प्रधान आरक्षक) – निलंबित।
- किशन खन्ना (आरक्षक) – निलंबित।
- अनिल जैतपुरिया (आरक्षक) – निलंबित।
- पवन सेंगर (आरक्षक) – निलंबित।
मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक मुआवजे का ऐलान
Gwalior मुख्यमंत्री ने इस हृदयविदारक हादसे पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 2-2 लाख रुपये तथा अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है। इसके साथ ही घायलों के बेहतर और नि:शुल्क इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं।
राजनीतिक गलियारों में गरमाया मुद्दा, सरकार पर सवाल
Gwalior इस बड़ी दुर्घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी विरोध के सुर तेज हो गए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि इस तरह के हादसों पर रोक लगाने और जवाबदेही तय करने के लिए ठोस व स्थाई नीति कब बनाई जाएगी।
ये भी पढ़े: भोजपुर में दर्दनाक हादसा: सोन नदी में डूबने से चार लोगों की मौत, तीन नाबालिग शामिल

