8 सितंबर को ‘विश्व फिजियोथेरेपी डे’ (विश्व भौतिक चिकित्सा दिवस) के अवसर पर गजराज मेडिकल कॉलेज (GRMC) समूह के अंतर्गत आने वाले जयारोग्य अस्पताल (JAH) में एक विशेष आयोजन होने जा रहा है। लोगों में फिजियोथेरेपी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें सुलभ चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए यहां एक ‘मेगा फिजियोथेरेपी कैंप’ का आयोजन किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह संभवतः मध्य प्रदेश का अपनी तरह का पहला ऐसा विशाल कैंप होगा, जिसमें सभी प्रकार के मरीजों का इलाज फिजियोथेरेपी के माध्यम से किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी भी बता चुके हैं स्वास्थ्य क्षेत्र का अहम हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई मौकों पर इस बात पर जोर दे चुके हैं कि फिजियोथेरेपी आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का एक बेहद अहम और अनिवार्य हिस्सा है। यह चिकित्सा पद्धति न केवल मरीजों की शारीरिक क्षमताओं को दोबारा हासिल करने में मदद करती है, बल्कि उन्हें एक सक्रिय जीवनशैली की ओर लौटने के लिए भी प्रेरित करती है। वर्तमान समय में इस विधा की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है।
बदलती जीवनशैली और गलत आदतों से बढ़ रही हैं बीमारियां
आज के डिजिटल दौर में गलत तरीके से उठने-बैठने, लगातार गलत पोस्चर में लेटने तथा मोबाइल और लैपटॉप के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण नई-नई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से घर कर रही हैं। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में गर्दन दर्द, कमर दर्द, और घुटनों की समस्याएं आम होती जा रही हैं। ऐसे में इन लाइफस्टाइल से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में फिजियोथेरेपी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण और जीवनदायिनी साबित हो रही है।
