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विलुप्ति की कगार पर पहुंचे राज गिद्ध और प्राकृतिक संतुलन में उनकी भूमिका

गोरखपुर के कैम्पियरगंज स्थित राज गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र में इन दुर्लभ पक्षियों की सुरक्षा और आम नागरिकों में चेतना जगाने के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान लोगों को बताया गया कि ‘सार्कोजिप्स कैल्वस’ वैज्ञानिक नाम वाले राज गिद्ध मृत जीवों के अवशेषों को साफ कर प्रकृति को स्वच्छ रखते हैं। पिछले दो दशकों में इनकी आबादी में 90 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसके चलते यह प्रजाति आज विलुप्ति के मुहाने पर खड़ी है।

जागरूकता रैली के माध्यम से लोगों से की गई संरक्षण में सहयोग की अपील

कार्यक्रम के तहत एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई, जिसका मुख्य उद्देश्य राज गिद्धों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखना और आम जनता को इनके प्रति संवेदनशील बनाना था। रैली में शामिल प्रतिभागियों ने ग्रामीणों और शहरवासियों से अपील की कि वे इस संकटग्रस्त पक्षी को बचाने के लिए आगे आएं। कैम्पियरगंज का यह प्रजनन केंद्र इन जीवों के संरक्षण, संवर्द्धन और भविष्य में उन्हें दोबारा खुले आसमान में छोड़ने की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस पर कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

अंतरराष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस के अवसर पर आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कई प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी और समाजसेवी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान डॉ. दुर्गेश नंदन, डिप्टी रेंजर राहुल सिंह, फॉरेस्ट गार्ड आकाश कुमार, कीपर मनोज कुमार और समाज सेवक ननकू सिंह समेत तमाम लोग मौजूद रहे, जिन्होंने इस दुर्लभ पक्षी को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।