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सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बीच कलेक्ट्रेट परिसर के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए हैं और सुरक्षा के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार को एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मस्जिद को सील करने की कार्रवाई की। फिलहाल परिसर में आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है और किसी को भी मस्जिद के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद कार्रवाई

मामले के अनुसार, सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पिछले महीने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। इसके बाद मस्जिद पक्ष ने इस फैसले को जिला एवं सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।

बताया गया कि जिला अदालत ने पहले प्रशासन के आदेश पर रोक लगाई थी। बाद में शुक्रवार को मस्जिद पक्ष की ओर से दाखिल दावा खारिज होने के बाद प्रशासन ने आगे की कार्रवाई शुरू की।

क्या है विवाद की वजह?

कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित इस ढांचे को लेकर बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की ओर से शिकायत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सरकारी परिसर की जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया गया और परिसर का इस्तेमाल धार्मिक गतिविधियों के अलावा अन्य कार्यों के लिए भी किया जा रहा था।

शिकायत में यह भी दावा किया गया था कि वहां एक डाकघर संचालित हो रहा था और कुछ कमरों का इस्तेमाल बाहरी लोगों द्वारा किया जा रहा था। इसे कलेक्ट्रेट जैसे संवेदनशील सरकारी परिसर की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मुद्दा बताया गया था।

सरकारी जमीन पर निर्माण का दावा

मामले की सुनवाई नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह की अदालत में हुई। अदालत के आदेश के मुताबिक, कलेक्ट्रेट परिसर की खसरा संख्या 539 सरकारी रिकॉर्ड में कचहरी/कलेक्ट्रेट के नाम दर्ज है। आदेश में कहा गया कि इसी सरकारी भूमि के करीब 315 वर्ग मीटर हिस्से पर संबंधित निर्माण मौजूद था।

अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर इसे सरकारी भूमि पर अवैध अधिभोग माना था। इसके बाद बेदखली और ध्वस्तीकरण के साथ क्षतिपूर्ति से जुड़ा आदेश भी पारित किया गया।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

प्रशासनिक कार्रवाई को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

प्रशासन की कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है।