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रिपोर्टर: प्रेम श्रीवास्‍तव

Jamshedpur : बिष्टुपुर स्थित सत्यनारायण मारवाड़ी मंदिर में आयोजित सात दिवसीय भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मथुरा से पधारे कथा वाचक हिमांशु महाराज ने व्यासपीठ से प्रभु की बाल लीलाओं का दिव्य वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विपरीत परिस्थितियों में जन्म लेने के बावजूद भगवान कृष्ण का जीवन हर परिस्थिति में आनंदित रहने और धर्म मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

कर्म और सत्संग से ही संभव है जीवन का कल्याण

Jamshedpur कथा के दौरान हिमांशु महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ईश्वर सर्वव्यापी और असीम शक्ति के स्रोत हैं। अधर्म के अंत और धर्म की स्थापना के लिए ही प्रभु अवतार लेते हैं।

  • गृहस्थ जीवन और सदाचार: उन्होंने बताया कि संसार में रहते हुए परोपकार, सत्य और सत्संग को अपनाना चाहिए।
  • अहंकार का त्याग: थोड़ा सा धन या समृद्धि आने पर मनुष्य में अभिमान आ जाता है, जो उसके पतन का कारण बनता है।
  • पवित्र कर्म का महत्व: श्रीमद्भगवद्गीता के संदर्भ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कर्म भले ही कष्टकारी लगे, लेकिन बिना कर्म के सुख संभव नहीं है। यदि कर्म का उद्देश्य शुभ हो, तो वही सत्कर्म बन जाता है।

नंदोत्सव के भजनों पर झूमे श्रद्धालु

Jamshedpur कृष्ण जन्म का प्रसंग आते ही पूरा मंदिर परिसर “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालु भजनों की मधुर तानों पर भावविभोर होकर नृत्य करने लगे। कथा समापन के पश्चात रात्रि में मथुरा से आए संगीतकारों की टीम ने एक से बढ़कर एक भक्ति भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

पूजन और प्रसाद वितरण में यजमानों की सहभागिता

Jamshedpur चौथे दिन की पूजा और मुख्य अनुष्ठान में यजमान परिवार के रूप में विश्वनाथ सोंथालिया, हरिशंकर सोंथालिया, प्रकाश सोंथालिया, बनवारी लाल सोंथालिया, विनोद कुमार रमेश सोंथालिया, श्याम सुंदर अनिल सोंथालिया, घनश्याम-कविता सेदूका तथा रामेन्द्र चिरानिया ने सहभागिता की।

वहीं प्रसाद सेवा के यजमानों में कमल बांकरेवाल, अशोक नागेलिया, बाबूलाल सोंथालिया, बजरंग लाल सोंथालिया, मुरारी लाल सोंथालिया, संतोष-अशोक संघी, उत्तम देबूका, मालीराम नरेड़ी, राजेन्द्र मोदी एवं अजय-विजय बांकरेवाल शामिल रहे। इस धार्मिक आयोजन में सुरेश कुमार अगीवाल, अशोक नरेड़ी, कुंजबिहारी नागेलिया, श्याम नागेलिया, किशन संघी और सत्यनारायण नरेड़ी सहित बड़ी संख्या में शहर के श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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