शेखपुरा। समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में जल-जीवन-हरियाली अभियान को लेकर विभागवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत डीएम ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस दौरान मौजूद अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे भी भेंट किए गए।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने जल स्रोतों के संरक्षण, भूजल स्तर बनाए रखने और पर्यावरण संतुलन के लिए चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश
डीएम ने तालाब, पोखर, कुएं, आहर और पईन जैसी सार्वजनिक जल संरचनाओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराने को कहा। साथ ही जल की बर्बादी रोकने के लिए लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने और जल संचयन के अधिक से अधिक साधन विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने सभी सरकारी भवनों में अनिवार्य रूप से छत आधारित वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित कराने के निर्देश दिए।
पौधरोपण अभियान को गति देने पर जोर
जिले में बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाने की बात कही गई। विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज परिसरों में पौधरोपण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
पंचायत स्तर पर आहर-पईन के जीर्णोद्धार, विस्तृत सर्वे, अमृत सरोवर के निर्माण तथा चापाकल और कुओं के आसपास सोख्ता निर्माण कराने को भी कहा गया।
जैविक खेती और सौर ऊर्जा को बढ़ावा
जिला कृषि पदाधिकारी को जैविक एवं पारंपरिक खेती के साथ मौसम के अनुकूल कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम करने पर जोर दिया गया।
कार्यों की प्रगति की समीक्षा
बैठक में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) द्वारा 29 अगस्त तक की अवयववार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। ग्रामीण विकास विभाग के निर्धारित 44 कार्यों के लक्ष्य में से 30 पर काम चल रहा है। लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सार्वजनिक चापाकलों के आसपास सोख्ता निर्माण के लिए 93 का लक्ष्य तय किया
