Report by: Avinash Srivastwa
Rohtas : बिहार के रोहतास जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक नाबालिग लड़की के भविष्य को अंधकार में जाने से बचा लिया। बिक्रमगंज थाना क्षेत्र के ‘शिव मैरिज हॉल’ में चल रही एक संदिग्ध शादी के बीच पुलिस ने छापेमारी कर अंतरराज्यीय गिरोह के बड़े नेटवर्क को बेनकाब किया है। इस दौरान पुलिस ने दूल्हा पक्ष और बिचौलियों समेत 24 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें 8 महिलाएं शामिल हैं।
Rohtas लालच देकर नाबालिग की ‘सौदा-शादी’ का भंडाफोड़
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बिक्रमगंज के एक मैरिज हॉल में एक गरीब परिवार की नाबालिग बच्ची का विवाह चोरी-छिपे मध्य प्रदेश के किसी युवक से कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही बिक्रमगंज थाना पुलिस ने मैरिज हॉल पर दबिश दी।
- पीड़िता की पहचान: बरामद लड़की बक्सर जिले के चकिया क्षेत्र की रहने वाली है, जो नाबालिग बताई जा रही है।
- दूल्हा पक्ष: लड़की की शादी मध्य प्रदेश के रतलाम जिले (पेलादरी निवासी) के एक युवक से कराई जा रही थी।
- बरामदगी: पुलिस ने मौके से एक लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में आभूषण जब्त किए हैं। यह रकम शादी के नाम पर हुई ‘खरीद-फरोख्त’ का हिस्सा होने का संदेह है।
Rohtas ‘शादी’ या ‘मानव तस्करी’? पुलिस का खड़ा हुआ कान
रोहतास और आसपास के इलाकों में पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहाँ हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से दलाल यहाँ आते हैं। वे गरीब परिवारों की लाचारी का फायदा उठाकर उनकी बेटियों को ‘खरीद’ लेते हैं और शादी का ढोंग रचाकर उन्हें दूसरे प्रांतों में ले जाते हैं।
पुलिस को अंदेशा है कि यह मामला एक संगठित ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) गिरोह से जुड़ा है। हिरासत में लिए गए रतलाम निवासी शंकर लाल चौहान (दूल्हे के पिता) का दावा है कि वे केवल अपने बेटे की शादी करने बिहार आए थे। हालांकि, लड़की की उम्र और मौके से मिले भारी कैश ने पुलिस के संदेह को पुख्ता कर दिया है।
Rohtas 24 लोग हिरासत में, गहन पूछताछ जारी
बिक्रमगंज थाना पुलिस ने मौके से कुल 16 पुरुष और 8 महिलाओं को हिरासत में लेकर थाने लाया है।
- जांच का बिंदु: पुलिस यह पता लगा रही है कि इस विवाह में बिचौलियों की क्या भूमिका थी और क्या परिवार को डरा-धमकाकर या पैसे का लालच देकर इस शादी के लिए राजी किया गया था।
- अधिकारियों का बयान: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी हिरासत में लिए गए लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है। साक्ष्य और दस्तावेजों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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