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Report by: Manoj Kumar

Katihar : बिहार में इन दिनों शातिर ठगों का एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो बुजुर्गों को अपनी बातों के जाल में फंसाकर उनकी जीवन भर की कमाई लूट रहा है। मुंगेर में एक कारोबारी के साथ हुई ठगी की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब कटिहार में अपराधियों ने इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया है। शहर के सबसे व्यस्त ‘बड़ा बाजार’ इलाके में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ठगों ने एक बुजुर्ग महिला से करीब 8-9 भर सोने के जेवरात ठग लिए।

Katihar खौफ दिखाकर उतारा सोना: वारदात का तरीका

यह पूरी घटना नगर थाना क्षेत्र की है, जहाँ अपराधियों ने मनोविज्ञान का सहारा लेकर लूट को अंजाम दिया। पीड़ित 58 वर्षीय शीला अग्रवाल सुबह के समय घर के पास कचरा फेंकने निकली थीं। तभी एक युवक ने उन्हें रोककर ‘साहब’ से मिलने को कहा।

  • नकली रौब: मास्क पहने हुए दूसरे अपराधी ने खुद को बड़ा पुलिस पदाधिकारी बताया।
  • भय का माहौल: ठग ने महिला को डराते हुए कहा, “माता जी, शहर में क्राइम बढ़ गया है। आप इतने गहने पहनकर क्यों घूम रही हैं? इन्हें उतारकर बैग में रख लीजिए।”
  • हाथ की सफाई: जैसे ही डरी हुई महिला ने अपनी सोने की चेन और कंगन उतारे, ठगों ने उन्हें कागज में लपेटने का नाटक किया। उन्होंने बड़ी चालाकी से असली गहने गायब कर दिए और महिला के हाथ में नकली सामान वाली पुड़िया थमा दी।

Katihar सीसीटीवी में कैद हुए ‘हंटर’ सवार अपराधी

महिला जब घर पहुँची और कागज की पुड़िया खोली, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। असली जेवरातों की जगह उसमें पत्थर और नकली धातु के टुकड़े थे। ठगे गए सोने की कीमत वर्तमान बाजार भाव के अनुसार लाखों में आंकी जा रही है।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस घटना को अंजाम देने के लिए तीन अपराधी आए थे। वे एक ‘हंटर’ बाइक पर सवार थे। वारदात की यह पूरी प्रक्रिया पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में अपराधियों की हरकतें और भागने की दिशा साफ दिखाई दे रही है, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।

Katihar पुलिस की कार्रवाई और बुजुर्गों के लिए चेतावनी

घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुँची और छानबीन शुरू कर दी। पुलिस अब बाइक के नंबर और सीसीटीवी फुटेज के जरिए अपराधियों के स्केच तैयार करने की कोशिश कर रही है।

सावधानी की अपील: पुलिस ने आम जनता, विशेषकर बुजुर्गों से अपील की है कि वे सड़क पर किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं। असली पुलिस कभी भी सड़क चलते किसी व्यक्ति से जेवरात उतारने के लिए नहीं कहती। मुंगेर और कटिहार की घटनाओं में समानता को देखते हुए पुलिस यह भी अंदेशा जता रही है कि इसके पीछे कोई अंतरराज्यीय गिरोह हो सकता है जो केवल वरिष्ठ नागरिकों को सॉफ्ट टारगेट बना रहा है।

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