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By: Ishu Kumar

Gorakhpur : पिपराइच थाना क्षेत्र में मानवता को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ के इमलिया उर्फ विजहरा गांव में एक सौतेली माँ ने ममता का गला घोंटते हुए अपनी ही 3 वर्षीय मासूम बेटी की कुल्हाड़ी से काटकर जघन्य हत्या कर दी। यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि सामाजिक विकृति और अंधविश्वास के गहरे पैठ की ओर भी इशारा करती है। वारदात की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया है और पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।

पिता दरवाजे पर करता रहा बात, अंदर मासूम की कटी गर्दन

Gorakhpur यह खौफनाक वारदात बीती रात लगभग 12 बजे की है। बताया जा रहा है कि मासूम बच्ची का पिता घर की चौखट के बाहर फोन पर किसी से बातचीत करने में मग्न था। इसी दौरान घर के भीतर मौजूद सौतेली माँ ने मौका मिलते ही कुल्हाड़ी उठा ली और सोती हुई तीन साल की मासूम पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। आरोपी महिला ने इतनी निर्दयता दिखाई कि बच्ची का सिर धड़ से अलग कर दिया। जब तक पिता को भीतर हो रही हलचल का आभास होता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हत्या के बाद आरोपी महिला ने भागने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता के कारण उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया और पुलिस को सौंप दिया गया।

तंत्र-मंत्र और बलि का अंदेशा: घटनास्थल का भयावह मंजर

Gorakhpur पुलिस जब घटनास्थल पर पहुँची, तो वहाँ का नजारा देखकर अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो गए। बच्ची के रक्तरंजित शव के पास सिंदूर बिखरा हुआ था और मासूम के शरीर पर विशेष प्रकार के टीके लगाए गए थे। शव के पास पूजा-पाठ की सामग्री और तंत्र-मंत्र से जुड़े साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस को यह प्रबल आशंका है कि यह हत्याकांड किसी अंधविश्वास या बलि की मानसिकता के तहत किया गया है। स्थानीय लोग भी इस बात को लेकर स्तब्ध हैं कि क्या कोई व्यक्ति धार्मिक पाखंड में इतना अंधा हो सकता है कि एक अबोध बच्ची की जान ले ले।

एक महीने में ही उजड़ गया आशियाना: मासूम की सगी माँ का छूटा था साथ

Gorakhpur इस त्रासदी की सबसे दुखद कड़ी यह है कि मृतका के पिता ने अपनी मासूम बेटी के सिर पर माँ का साया बनाए रखने के लिए ही दूसरी शादी की थी। बच्ची की सगी माँ का पहले ही देहांत हो चुका था। इसी साल 25 जनवरी 2026 को पिता आरोपी महिला को घर लेकर आया था, ताकि उसकी बेटी को ममता मिल सके। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शादी के महज एक महीने के भीतर ही उस औरत ने पूरे परिवार की खुशियाँ उजाड़ दीं। जिस पिता ने बेटी के बेहतर भविष्य का सपना देखा था, उसके हाथ में अब केवल अपनी लाडली की लाश और कभी न खत्म होने वाला पछतावा है।

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