By: Ishu Kumar
Illegal sand mining : छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के केल्हारी ब्लॉक में ग्राम पंचायत बिछिया टोला के पास केवई नदी में अवैध रेत उत्खनन गंभीर रूप ले चुका है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत ठेकेदार खनिज अधिनियम और एनजीटी के नियमों की अनदेखी करते हुए खुलेआम रेत का उत्खनन कर रहे हैं। इस मामले में प्रशासन की निष्क्रियता भी सवालों के घेरे में है।

जेसीबी और पोकलेन से दिन-रात रेत उत्खनन
Illegal sand mining स्थानीय निवासियों के अनुसार नदी में जेसीबी और पोकलेन मशीनों का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर खुदाई की जा रही है। न तो उत्खनन क्षेत्र का स्पष्ट बाउंड्री बोर्ड लगाया गया है और न ही यह बताया गया है कि कितने क्षेत्र में उत्खनन की अनुमति है। जानकारी के मुताबिक यहां से निकाली गई रेत न केवल जिले में बल्कि प्रदेश के पड़ोसी राज्यों तक भी सप्लाई की जा रही है। ऐसे में यह स्पष्ट होता है कि अवैध रेत खनन एक संगठित नेटवर्क के तहत चल रहा है।

प्रशासन की निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल
Illegal sand mining रेत माफियाओं के इस खुले कारोबार के बावजूद राजस्व, खनिज विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यही वजह है कि ठेकेदार मनमाने तरीके से नदी का दोहन कर रहे हैं। स्थानीय लोग आरोप लगाते हैं कि जब इस मामले को लेकर अधिकारियों से संपर्क किया गया तो कोई भी स्पष्ट जवाब नहीं मिला। प्रशासन की यह उदासीनता अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।

एसडीएम कार्यालय के पास ही चल रहा अवैध कारोबार
Illegal sand mining हैरानी की बात यह है कि यह अवैध रेत खनन एसडीएम कार्यालय से केवल 3 किलोमीटर की दूरी पर संचालित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एसडीएम से इस विषय में जब बातचीत की गई तो उन्होंने कोई जानकारी नहीं होने की बात कही। इस स्थिति से यह संकेत मिलता है कि रेत माफियाओं को किसी भी प्रकार की रोकथाम का भय नहीं है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या जिला प्रशासन और राज्य सरकार इस अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी या रेत माफिया यूं ही केवई नदी का दोहन करते रहेंगे। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो नदी और आसपास के पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है।
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