US-Iran tensionsUS-Iran tensions
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US-Iran tensions : मॉस्को से मिली रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) और रूस टुडे की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस और पेंटागन द्वारा तैयार एक विस्तृत रणनीतिक ब्रिफिंग दी गई है। इस ब्रिफिंग में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों और शासन पर दबाव डालने के विभिन्न विकल्प शामिल हैं।

शीर्ष नेतृत्व और सैन्य ठिकानों को टारगेट करने के विकल्प

US-Iran tensions रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी योजना में ईरान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को निशाना बनाने के विकल्पों पर विचार किया गया है। इसमें इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ कमांडर और उच्च सरकारी पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं। इस रणनीति का उद्देश्य मौजूदा शासन पर अधिकतम दबाव बनाना है।

साथ ही, अमेरिकी विकल्पों में लक्षित हवाई हमले भी शामिल हैं। इन हमलों के तहत ईरान की परमाणु साइटों और मिसाइल केंद्रों को निशाना बनाया जा सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह कार्रवाई पिछले सीमित अभियानों से अलग, अधिक व्यापक और निरंतर हवाई अभियान के रूप में हो सकती है।

अमेरिका और ईरान की सैन्य तैयारी

US-Iran tensions अमेरिका ने मध्य पूर्व में विमानवाहक पोत, युद्धपोत और बड़ी संख्या में फाइटर जेट तैनात किए हैं। इसे 2003 के इराक युद्ध के बाद क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति का सबसे बड़ा जमावड़ा बताया गया है।

दूसरी ओर, ईरान ने भी अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने और जवाबी तैयारी तेज करने का दावा किया है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले की स्थिति में कड़ा जवाब दिया जाएगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के प्रस्ताव अमेरिकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं हैं। वहीं कुछ अमेरिकी अधिकारी मानते हैं कि सैन्य हमला शासन परिवर्तन की गारंटी नहीं देता, फिर भी सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।

खाड़ी देशों की सतर्कता और परमाणु स्थलों की सुरक्षा

US-Iran tensions सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देशों ने संकेत दिया है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी हमले के लिए नहीं होने देंगे, जिससे अमेरिका की रणनीतिक संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मीडिया में दावा किया गया है कि ईरान अपनी परमाणु सुविधाओं को अधिक सुरक्षित और बंकरनुमा संरचनाओं में बदलने की दिशा में काम कर रहा है। स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है और कूटनीतिक स्तर पर वार्ता के प्रयास भी जारी हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया, तो कार्रवाई अभूतपूर्व हो सकती है। इस बीच अमेरिका ईरान पर दबाव बढ़ाने और सभी रणनीतिक विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

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