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By: Ravindra Sikarwar

Delhi news: दिल्ली के लक्ष्मी नगर में जिम के मालिकाना हक को लेकर हुए विवाद ने इतना भयानक रूप ले लिया कि एक परिवार पर दिनदहाड़े बर्बर हमला हुआ। जिम मालिक राजेश गर्ग को बेरहमी से पीटा गया, उनकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ की गई और उनके बेटे को सड़क पर घसीटकर नंगा करके मारापीटा गया। यह घटना 2 जनवरी 2026 को हुई और सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इस घटना ने राजधानी में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विवाद की जड़: जिम का केयरटेकर बना दुश्मन

पीड़ित राजेश गर्ग और उनकी पत्नी रीता गर्ग अपने घर के बेसमेंट में जिम चलाते हैं। उन्होंने सतीश यादव उर्फ पिंटू यादव को जिम का केयरटेकर नियुक्त किया था। आरोप है कि सतीश ने धोखे से जिम पर कब्जा करने की कोशिश की और मालिकाना हक का दावा करने लगा।

2 जनवरी को दोपहर में राजेश और रीता बेसमेंट में पानी की लीकेज चेक करने गए थे। तभी सतीश अपने साथियों विकास यादव, शुभम यादव और ओमकार यादव के साथ वहां पहुंचा। विवाद बढ़ते ही हमला शुरू हो गया। आरोपियों ने राजेश को लात-घूंसे मारे, उनके कपड़े फाड़े और लोहे की रॉड से पीटा। रीता ने बचाव करने की कोशिश की तो उनके साथ छेड़छाड़ की गई, बाल खींचे गए और पेट में लात मारी गई।

बेटे के साथ सबसे क्रूर व्यवहार

शोर सुनकर परिवार का बेटा मदद के लिए आया। आरोपियों ने उसे पकड़ लिया, घर से बाहर सड़क पर घसीटा, उसके सभी कपड़े उतार दिए और नंगा करके बेरहमी से पीटा। वीडियो में दिख रहा है कि बेटा हाथ जोड़कर माफी मांगता रहा, लेकिन हमलावर नहीं रुके। लोग तमाशा देखते रहे, लेकिन किसी ने रोकने की हिम्मत नहीं की। रीता गर्ग ने मीडिया को बताया, “मेरा बेटा नंगा करके पीटा गया। लोग देखते रहे। क्या यह बलात्कार से कम है?”

घटना के बाद बेटा इतना आघात में है कि वह घर छोड़कर चला गया है और उसका पता नहीं चल रहा। परिवार ने बताया कि बेटे की शादी महज 10 दिनों में होने वाली थी।

पुलिस कार्रवाई और सोशल मीडिया पर आक्रोश

पुलिस को पीसीआर कॉल मिलने पर मौके पर पहुंची और परिवार को हेडगेवार अस्पताल पहुंचाया। मुख्य आरोपी सतीश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी तीन आरोपी फरार हैं। लक्ष्मी नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जिसमें मारपीट, छेड़छाड़, महिला की गरिमा भंग करने का प्रयास और धमकी शामिल हैं। सीसीटीवी फुटेज जब्त कर जांच जारी है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा है। यूजर्स दिल्ली में महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोग पूछ रहे हैं कि दिनदहाड़े इतनी बर्बरता कैसे हो सकती है और पुलिस समय पर क्यों नहीं रुकी हमलावरों को?

यह घटना एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर बढ़ते अपराध और गुंडागर्दी को उजागर करती है। परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है और उम्मीद है कि सभी आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे तथा सख्त सजा मिलेगी। अगर आप भी ऐसी किसी घटना के गवाह बनें तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।