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By: Ravindra Sikarwar

Indore news: मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल से फैल रही बीमारी ने एक और व्यक्ति की जान ले ली है। भागीरथपुरा इलाके में 69 वर्षीय रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा के निधन के बाद इस मामले में मृतकों की संख्या 17 हो गई है। इससे पहले शनिवार तक 16 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की जा चुकी थी। लगातार सामने आ रहे गंभीर मामलों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

बीमारी के बाद बिगड़ती गई हालत

ओमप्रकाश शर्मा धार जिले के शिव विहार कॉलोनी के रहने वाले थे और अपने बेटे से मिलने इंदौर आए थे। 1 जनवरी को उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में किडनी फेल होने की जानकारी सामने आई। हालत गंभीर होने पर 2 जनवरी को उन्हें आईसीयू और फिर वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया, लेकिन रविवार दोपहर करीब एक बजे उनका निधन हो गया। परिजनों के अनुसार, उन्हें पहले केवल ब्लड प्रेशर की समस्या थी।

अस्पतालों में इलाज जारी, दबाव बना हुआ

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक कुल 398 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 256 मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 142 मरीजों का उपचार अभी जारी है। बॉम्बे हॉस्पिटल में रविवार रात तक 11 मरीज आईसीयू में भर्ती थे। इनमें से चार की हालत में सुधार होने पर उन्हें सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया गया, जबकि सात मरीज अब भी आईसीयू में हैं।

घर-घर सर्वे में नए मरीजों की पहचान

प्रभावित भागीरथपुरा क्षेत्र में 4 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने व्यापक सर्वे अभियान चलाया। इस दौरान 2,354 घरों में जाकर 9,416 लोगों की जांच की गई। सर्वे में 20 नए मरीज सामने आए, वहीं 429 पुराने मरीजों की फॉलोअप जांच की गई। सीएमएचओ डॉ. माधव हसनी ने बताया कि इलाके में पांच एम्बुलेंस तैनात की गई हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।

राहत सामग्री और जागरूकता पर जोर

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक परिवार को ओआरएस पैकेट और जिंक टैबलेट वितरित की गई हैं। इसके साथ ही सुरक्षित पेयजल के लिए क्लीन वाटर किट भी उपलब्ध कराई जा रही है। जन अभियान परिषद, आशा, आंगनवाड़ी, एएनएम और एनजीओ से जुड़ी कुल 17 टीमें लगातार लोगों को स्वच्छ पानी के उपयोग और सावधानियों के प्रति जागरूक कर रही हैं।

हाईकोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट, वैज्ञानिक जांच शुरू

मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार मंगलवार को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में विस्तृत रिपोर्ट पेश करेगी। वहीं, कोलकाता से आए वैज्ञानिक डॉ. प्रमित घोष और डॉ. गौतम चौधरी प्रभावित इलाके से पानी के रैंडम सैंपल लेकर वैज्ञानिक परीक्षण करेंगे। पाइपलाइन की मरम्मत और लीकेज की जांच का काम भी तेजी से चल रहा है। फिलहाल लोगों को टैंकरों और बोतलबंद पानी के जरिए पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

यह संकट अब केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बन चुका है।