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By: Ravindra Sikarwar

महाराष्ट्र के नागपुर में वाठोडा श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान बड़ा हादसा हो गया। चिता पर डीज़ल डालने से आग अचानक भड़क उठी, जिसकी चपेट में आने से 64 वर्षीय विनोद मुंघाटे की मौत हो गई। वहीं चार अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और चिता पर डीज़ल डालने वाले व्यक्ति की पहचान की जा रही है।

विनोद मुंघाटे वर्धा रोड स्थित कर्वे नगर के रहने वाले थे और वे अपनी मौसी सुशीलाबाई मुंघाटे (83) के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। जैसे ही चिता जल रही थी, तभी किसी ने उस पर डीज़ल डाल दिया, जिससे आग तेज़ी से फैल गई और आसपास खड़े लोग लपटों में घिर गए।

आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। झुलसे हुए पांचों लोगों को तुरंत सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया। विनोद मुंघाटे की हालत नाज़ुक होने पर उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया गया, जहां चार दिन उपचार के बाद उनकी मौत हो गई।

विनोद के भतीजे साकेत गेडाम ने वाठोडा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि चिता पर डीज़ल क्यों और किसने डाला। मौके पर मौजूद लोगों के बयान लिए जा रहे हैं और हर पहलू की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

इधर अन्य चार घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा लापरवाही थी या कोई अन्य वजह इससे जुड़ी है।