by-Ravindra Sikarwar
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के मूळगंज इलाके स्थित मिश्री बाजार में बुधवार शाम (8 अक्टूबर, 2025) को दो पार्क की हुई स्कूटी में लगातार धमाके होने से हड़बड़ी मच गई। इस घटना में कम से कम 8 लोग घायल हो गए, जिनमें एक महिला कचरा संग्राहक भी शामिल है। धमाकों की तीव्रता इतनी थी कि आसपास की दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं और बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे अवैध पटाखों के भंडारण से जोड़ा है, लेकिन साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा। बम निष्क्रियकरण दस्ता, फोरेंसिक विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं, और जांच तेजी से चल रही है।
घटना का विस्तृत क्रम:
घटना शाम करीब 7:15 बजे मिश्री बाजार के व्यस्त मेस्टन रोड पर घटी, जो एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है और यहां मुख्य रूप से एक विशेष समुदाय के लोग रहते हैं। यह बाजार खिलौनों, प्लास्टिक सामान और दिवाली से जुड़े सामग्रियों के लिए जाना जाता है। दो स्कूटी एक प्लास्टिक दुकान अब्दुल्लाह हकीम के बाहर पार्क की हुई थीं। अचानक पहली स्कूटी के स्टोरेज बॉक्स से धमाका हुआ, जिसके कुछ सेकंड बाद ही दूसरी स्कूटी में भी विस्फोट हो गया। धुंध और आग की लपटों से बाजार में भगदड़ मच गई। आसपास खरीदारी कर रहे लोग और राहगीर धमाके की चपेट में आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहला धमाका इतना जोरदार था कि स्कूटी के पुर्जे चारों तरफ बिखर गए, और उसके बाद दूसरा धमाका होने से लोग दहशत में इधर-उधर भागने लगे। एक घायल व्यक्ति ने बताया, “हम दिवाली की खरीदारी कर रहे थे। अचानक जोरदार आवाज आई और सब कुछ काला धुआं भर गया। मैंने देखा तो स्कूटी जल रही थीं।” धमाके के कारण आसपास की दुकानों के शटर और सामान को नुकसान पहुंचा, जबकि सड़क पर खड़े लोग झुलस गए।
घायलों को तुरंत पास के उर्सुला अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य चार को मामूली चोटें आई हैं। एक 35 वर्षीय महिला कचरा संग्राहक अश्विनी, जो बाजार में सफाई कर रही थीं, सबसे अधिक प्रभावित हुईं। उन्होंने दावा किया कि किसी ने स्कूटी की ओर कुछ फेंका था, लेकिन उनकी बात की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है, और डॉक्टरों का कहना है कि वे अब खतरे से बाहर हैं।
पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई:
मौके पर पहुंची मूळगंज थाने की पुलिस ने तत्काल क्षेत्र को घेराबंदी में ले लिया। कानपुर के संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) अशुतोष कुमार ने बताया, “मिश्री बाजार क्षेत्र में दो स्कूटी पार्क थीं, जिनमें धमाका हुआ। यह घटना करीब 7:15 बजे घटी। हमने स्कूटी का पता लगा लिया है, और सवारों से पूछताछ की जाएगी। फोरेंसिक टीम मौके पर है, और हम कारणों की जांच कर रहे हैं।” पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने संवाददाताओं से कहा कि यह एक घनी बस्ती वाला इलाका है, और अब्दुल्लाह की दुकान को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, “यह पटाखों या किसी आपराधिक गतिविधि से जुड़ा हो सकता है, सभी पहलुओं की जांच हो रही है।”
घटनास्थल पर फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने मलबा इकट्ठा किया, जिसमें स्कूटी के क्षतिग्रस्त पुर्जे और संदिग्ध सामग्री शामिल हैं। बम डिस्पोजल स्क्वायड ने क्षेत्र की तलाशी ली और अवैध पटाखों का एक बैच बरामद किया। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमाका स्कूटी के स्टोरेज कंपार्टमेंट से शुरू हुआ, जहां संभवतः अवैध आतिशबाजी के सामान या बैटरी से संबंधित खराबी थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है और स्कूटी मालिकों की पहचान कर रही है। अभी तक आतंकी साजिश की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वायड) को भी अलर्ट कर दिया गया है।
संभावित कारण और पृष्ठभूमि:
पुलिस की प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि धमाके का कारण अवैध पटाखे हो सकते हैं, जो दिवाली के बाजार में बिक्री के लिए छिपाकर रखे गए थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “स्कूटी के डिक्की में पटाखों का स्टॉक था, जो गर्मी या किसी चिंगारी से फट गया। कुछ मामलों में बैटरी ब्लास्ट भी ऐसा ही प्रभाव पैदा करता है।” बाजार में दिवाली की तैयारियों के चलते पटाखों की अवैध बिक्री बढ़ जाती है, जो ऐसी दुर्घटनाओं को जन्म देती है। हालांकि, अधिकारी साजिश के एंगल को नजरअंदाज नहीं कर रहे, क्योंकि धमाके एक-दूसरे के बाद हुए।
यह क्षेत्र मरकज मस्जिद के पास स्थित है, जहां रोजाना सैकड़ों लोग आते-जाते हैं। घटना के समय बाजार में भीड़ थी, इसलिए नुकसान ज्यादा हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध पटाखों का भंडारण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा भी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही अवैध पटाखों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं जागरूकता की कमी को उजागर करती हैं।
सामाजिक प्रतिक्रिया और आगे की चुनौतियां:
घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो गए, जिसमें धुंध और जलती स्कूटी के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, लेकिन बाजार में सुरक्षा उपायों की मांग भी की। एक निवासी ने कहा, “दिवाली का बाजार है, लेकिन ऐसी लापरवाही से जान-माल का खतरा बढ़ जाता है।” घायलों के परिवारों ने मुआवजे की अपील की है।
जांच के नतीजे आने पर ही साफ होगा कि यह दुर्घटना थी या साजिश। पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी को संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो, तो तुरंत सूचित करें। यह घटना न केवल कानपुर, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में पटाखा भंडारण और बाजार सुरक्षा पर बहस छेड़ रही है। उम्मीद है कि इससे प्रशासन सतर्कता बरतेगा और ऐसी त्रासदियों को रोका जा सकेगा।
