by-Ravindra Sikarwar
म्यांमार के सागिंग क्षेत्र के चाउंग यू टाउनशिप में सोमवार शाम को एक भयानक घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। यहां थाडिंगयुट नामक बौद्ध पूर्णिमा उत्सव के दौरान एक शांतिपूर्ण मोमबत्ती जुलूस पर म्यांमार की सैन्य सरकार ने मोटराइज्ड पैराग्लाइडर से दो बम गिराए, जिसमें कम से कम 24 लोग मारे गए और 47 से अधिक घायल हो गए। यह हमला नागरिकों के खिलाफ एक क्रूर कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, जो देश में जारी गृहयुद्ध की भयावहता को उजागर करता है।
घटना का विवरण:
यह घटना 6 अक्टूबर, 2025 को शाम करीब 7 बजे हुई, जब चाउंग यू टाउनशिप के बोन टो गांव के प्राथमिक स्कूल के मैदान में लगभग 100 से अधिक ग्रामीण इकट्ठा हुए थे। थाडिंगयुट उत्सव, जो बौद्ध धर्म में लेंट (वासा) के अंत को चिह्नित करने वाला प्रमुख त्योहार है, इस अवसर पर लोग तेल के दीप जलाने और मोमबत्तियों की रोशनी में प्रार्थना करने के लिए एकत्रित हुए थे। यह उत्सव पूर्णिमा की रात को मनाया जाता है, जब घरों, सड़कों और मंदिरों को लालटेन और मोमबत्तियों से सजाया जाता है। परिवार बौद्ध स्तूपों में प्रार्थना करते हैं और एक-दूसरे को उपहार देते हैं।
लेकिन इस बार उत्सव का स्वरूप राजनीतिक भी था। भीड़ में सैन्य शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा था। लोग आगामी चुनावों का विरोध कर रहे थे, सैन्य तानाशाही के खिलाफ नारे लगा रहे थे और जबरन भर्ती (कंसक्रिप्शन) की नीतियों का पुरजोर विरोध कर रहे थे। इसके अलावा, राजनीतिक कैदियों, विशेष रूप से पूर्व नेता आंग सान सू की की रिहाई की मांग भी उठ रही थी। स्थानीय प्रतिरोध समूह पीपुल्स डिफेंस फोर्स (पीडीएफ) के सदस्यों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह एक शांतिपूर्ण सभा थी, जिसमें कोई सशस्त्र संघर्ष या लड़ाई नहीं हो रही थी।
अचानक, एक मोटराइज्ड पैराग्लाइडर (जिसे पैरामोटर भी कहा जाता है) आकाश से प्रकट हुआ। यह एक कम लागत वाला उपकरण है, जिसमें छोटा इंजन लगा होता है और इसमें दो से तीन सैनिक सवार हो सकते हैं। पैराग्लाइडर ने सीधे भीड़ के बीच में दो बम गिराए, जो विस्फोट के साथ फैल गए। हमले की अवधि महज सात मिनट थी। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “जब पहला बम गिरा, तो मैं जमीन पर गिर पड़ा, लेकिन मेरी टांग में चोट लग गई। मेरे बगल में लोग मारे गए।” स्थानीय निवासियों के अनुसार, विस्फोट इतना जबरदस्त था कि शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया। बच्चों सहित कई लोग बुरी तरह छिन्न-भिन्न हो गए।
हमले के बाद, पीड़ितों के परिवार और स्थानीय बचाव दल ने स्वतंत्र रूप से शव इकट्ठा करने का काम किया। एक महिला, जो आयोजन में सहयोग कर रही थी, ने कहा, “बच्चे पूरी तरह से बिखर गए थे। यह एक दुखद दृश्य था।” सोशल मीडिया पर घायलों को बचाने और लापता परिजनों की तलाश में लोगों के वीडियो वायरल हो गए, जो दृश्य की भयावहता को दर्शाते हैं।
दूसरा हमला और बचाव प्रयास:
लगभग चार घंटे बाद, रात करीब 11 बजे, वही पैराग्लाइडर लौटा और दो और बम गिराए। इस बार बम एक स्कूल भवन पर गिरे, जिससे भारी क्षति हुई, लेकिन कोई अतिरिक्त मौत नहीं हुई। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि पीड़ितों को सुनते ही भीड़ छंटने लगी थी, लेकिन पैराग्लाइडर अपेक्षा से पहले पहुंच गया। बचाव कार्यों में स्थानीय लोग सक्रिय थे, लेकिन चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
राष्ट्रीय एकता सरकार (एनयूजी), जो निर्वासित सिविलियन सरकार है, के प्रवक्ता नाय फोन लैट ने बीबीसी बर्मीज को बताया कि मृतकों की संख्या 24 है, जबकि घायलों की संख्या 47 से अधिक हो सकती है। पीडीएफ के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें हवाई हमले की चेतावनी मिली थी, इसलिए उन्होंने जल्दी से सभा समाप्त करने की कोशिश की, लेकिन सैन्य हमलावरों ने मौका नहीं दिया।
पृष्ठभूमि: म्यांमार का गृहयुद्ध:
यह घटना म्यांमार में 2021 के सैन्य तख्तापलट के बाद से जारी गृहयुद्ध का हिस्सा है। सेना ने लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई आंग सान सू की की सरकार को उखाड़ फेंका था, जिसके बाद सशस्त्र प्रतिरोध समूहों और जातीय मिलिशिया ने विद्रोह कर दिया। गैर-सरकारी संगठनों के अनुसार, सुरक्षा बलों द्वारा 7,300 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। लाखों लोग विस्थापित हो चुने हैं, और देश के आधे से अधिक हिस्से पर विद्रोहियों का कब्जा है।
हाल के महीनों में सैन्य जंता ने अपनी स्थिति मजबूत की है। चीन ने सीमा पर विद्रोहियों पर दबाव डाला है कि वे हथियारों की आपूर्ति रोकें, जबकि रूस और चीन से नई तकनीक की प्राप्ति ने सेना को फायदा पहुंचाया है। लेकिन हवाई ईंधन और विमानों की कमी के कारण, जंता अब कम लागत वाले मोटराइज्ड पैराग्लाइडर का इस्तेमाल बढ़ा रही है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे “चिंताजनक प्रवृत्ति” बताया है। संगठन के अनुसार, अप्रैल में भी ऐसे हमले हुए थे, और यह युद्ध अपराध की जांच का विषय होना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, म्यांमार में गरीबी दर 2017 के 24.8 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में 49.7 प्रतिशत हो गई है, जबकि विदेशी निवेश लगभग शून्य हो चुका है। जंता ने इस हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
वैश्विक प्रतिक्रिया:
एमनेस्टी इंटरनेशनल की क्षेत्रीय निदेशक आइजेक फ्रीमैन ने कहा, “म्यांमार की सैन्य सरकार कम निगरानी का फायदा उठाकर युद्ध अपराध कर रही है। यह 2021 के तख्तापलट के बाद से जारी नागरिकों पर हमलों की लंबी श्रृंखला का हिस्सा है।” संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से म्यांमार के निवासियों की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
यह हमला न केवल एक उत्सव को खून से रंग देता है, बल्कि म्यांमार के लोगों की पीड़ा को भी उजागर करता है। शांतिपूर्ण विरोध को कुचलने वाली यह कार्रवाई वैश्विक स्तर पर निंदा का विषय बनी हुई है, और उम्मीद है कि इससे मानवीय सहायता और न्याय की मांगें तेज होंगी।
