By: Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश में नया साल 2026 कई महत्वपूर्ण बदलावों और जनकल्याणकारी घोषणाओं के साथ शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार राज्य के कर्मचारियों, पेंशनर्स और आम नागरिकों के लिए कई राहत भरी सौगातें लेकर आई है। इनमें स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, परिवहन सेवाओं की बहाली, पेंशन नियमों में संशोधन, अवकाश नीति में बदलाव और सरकारी नौकरियों से जुड़ी पुरानी पाबंदियों का अंत शामिल है। ये कदम राज्य के लाखों लोगों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में उठाए गए हैं। आइए, इन पांच प्रमुख घोषणाओं पर विस्तार से नजर डालते हैं।
कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा
वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों को चिकित्सा व्यय पहले खुद वहन करना पड़ता है, जिसके बाद सरकार से सीमित राशि की प्रतिपूर्ति मिलती है। उदाहरण के तौर पर, गंभीर ऑपरेशन जैसे लिवर ट्रांसप्लांट में करोड़ों का खर्च आ सकता है, लेकिन सरकारी सहायता बहुत कम होती है। अब सरकार ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना’ जैसी नई व्यवस्था लागू करने जा रही है।
इसके तहत राज्य के लगभग 15 लाख कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवार के सदस्यों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। सामान्य रोगों के लिए 5 लाख रुपये तक और गंभीर बीमारियों के लिए 10 लाख रुपये तक का कवरेज मिलेगा। कर्मचारियों के वेतन से सालाना 3,000 से 12,000 रुपये तक का अंशदान काटा जाएगा, जबकि शेष खर्च राज्य सरकार उठाएगी। योजना में प्रदेश के साथ-साथ बाहर के निजी अस्पतालों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि बेहतर इलाज सुनिश्चित हो सके। यह सुविधा हरियाणा और राजस्थान की तर्ज पर तैयार की गई है और कर्मचारी संगठनों की लंबी मांग को पूरा करेगी।
21 वर्ष बाद सरकारी बस सेवाओं की वापसी
मध्य प्रदेश में लंबे समय से सरकारी बसों की कमी महसूस की जा रही थी। अब अप्रैल 2026 से ‘जनबस’ नाम की नई सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू होने वाली है। यह 21 साल बाद राज्य में सरकारी बसों की वापसी होगी।
इस योजना के अंतर्गत 25 जिलों में 6,000 से अधिक रूटों पर कुल 10,879 बसें संचालित की जाएंगी। इनमें पर्यावरण अनुकूल ई-बसें भी शामिल होंगी। नेशनल ई-बस कार्यक्रम के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर जैसे प्रमुख शहरों में 582 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। ये बसें निजी सिटी बसों से सस्ती होंगी और विशेष रूप से ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों को शहरों से बेहतर जोड़ेंगी। इससे यात्रियों को सुविधाजनक, किफायती और प्रदूषण मुक्त परिवहन मिलेगा, साथ ही दूरदराज के इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
परिवार पेंशन नियमों में संशोधन: बेटियों को बड़ा लाभ
पेंशन संबंधी नियमों में केंद्र सरकार की नीतियों के अनुरूप बदलाव किया जा रहा है। अब 25 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित, विधवा या तलाकशुदा बेटियों को भी परिवार पेंशन का पूर्ण अधिकार मिलेगा।
यह संशोधन कर्मचारी आयोग की सिफारिशों पर आधारित है और वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। पहले ऐसे मामलों में बेटियों को सीमित या कोई लाभ नहीं मिलता था, लेकिन अब यह नियम सभी पात्र बेटियों पर लागू होगा। इससे हजारों परिवारों, खासकर महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और सामाजिक समानता को बढ़ावा मिलेगा।
अवकाश नियमों में बड़े बदलाव और नया छुट्टी कैलेंडर
1 जनवरी 2026 से राज्य के 6.5 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों के लिए 48 वर्ष पुराने अवकाश नियमों में व्यापक संशोधन लागू होंगे। नए नियमों में बीमारी, मातृत्व और अन्य अवकाशों को अधिक सरल बनाया गया है। रोस्टर ड्यूटी अनिवार्य होगी, जबकि अर्जित अवकाश (EL) अब साल में दो बार – 1 जनवरी और 1 जुलाई को – क्रेडिट किया जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि शिक्षकों और प्रोफेसरों को भी सालाना 10 दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा, जो पहले नहीं था। साथ ही, 2026 का नया छुट्टी कैलेंडर फाइनल हो चुका है, जिसमें कुल 127 दिन कार्यालय बंद रहेंगे। इनमें शनिवार-रविवार और सार्वजनिक अवकाश शामिल हैं। यह बदलाव कर्मचारियों के काम-जीवन संतुलन को बेहतर बनाएंगे और कार्यक्षमता बढ़ाएंगे।
सरकारी नौकरियों से दो बच्चों की पुरानी शर्त हटाई जाएगी
लगभग 24 वर्ष पुराना नियम, जिसमें सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों की सीमा अनिवार्य थी, अब समाप्त किया जा रहा है। 26 जनवरी 2001 के बाद लागू इस प्रावधान के तहत तीसरी संतान होने पर उम्मीदवार अपात्र माने जाते थे।
अब तीन संतान वाले अभ्यर्थी भी सरकारी पदों के लिए पूरी तरह पात्र होंगे। पुराने मामलों में भी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह राहत विशेष रूप से मेडिकल एजुकेशन, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभागों के कर्मचारियों को मिलेगी। कई पड़ोसी राज्यों जैसे राजस्थान और छत्तीसगढ़ ने पहले ही यह पाबंदी हटा दी थी। इस फैसले से युवाओं को नौकरी के अधिक अवसर मिलेंगे और परिवार नियोजन पर अनावश्यक दबाव कम होगा।
ये सभी घोषणाएं मध्य प्रदेश सरकार की जनकेंद्रित नीतियों को दर्शाती हैं। स्वास्थ्य, परिवहन, पेंशन और रोजगार जैसे क्षेत्रों में ये बदलाव राज्य के विकास को नई गति देंगे। नए साल में इन सुविधाओं से लाखों लोग सीधे लाभान्वित होंगे, जिससे जीवन स्तर में सुधार आएगा।
